चित्तौड़गढ़। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती क्षेत्र शंभूपुरा में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम होने जा रहा है, जहाँ श्रीश्याम रंगीला बजरंग मित्र मंडल के तत्वावधान में 19वें चार दिवसीय श्रीश्याम वंदना महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वृहद धार्मिक अनुष्ठान के पोस्टर का विधिवत विमोचन शनिवार दोपहर बूंदी रोड स्थित रामद्वारा में युवा संत दिग्विजयराम महाराज द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्र के गणमान्य जन उपस्थित रहे, जिन्होंने जयकारों के साथ कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा का स्वागत किया।

महोत्सव का शुभारंभ शनिवार को उस समय उत्साहपूर्ण हो गया जब शंभूपुरा से मंडल के सदस्य और ग्रामीण ढोल-नगाड़ों एवं ध्वज पताकाओं के साथ बाबा श्याम के जयकारे लगाते हुए बूंदी रोड स्थित रामद्वारा पहुंचे। वहां श्रद्धालुओं ने समाधि स्थल को दंडवत प्रणाम किया और संत दिग्विजयराम महाराज का माला पहनाकर आत्मीय अभिनंदन किया। पोस्टर विमोचन के पश्चात आशीर्वाद वचन देते हुए महाराज ने कहा कि 'नानी बाई रो मायरो' की कथा केवल एक धार्मिक आयोजन मात्र नहीं है, अपितु यह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस कथा का वाचन राजस्थानी भाषा में किया जाएगा, जिसमें मेवाड़ी शब्दों का प्रचुर प्रयोग होगा ताकि स्थानीय जनमानस भावपूर्ण रूप से जुड़ सके।

समिति के पदाधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह चार दिवसीय महोत्सव शंभूपुरा स्थित श्याम बगीची में आगामी 16 अप्रैल से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम की रूपरेखा के तहत 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक युवा संत दिग्विजयराम महाराज द्वारा 'नानी बाई रो मायरो' कथा का वाचन किया जाएगा, जिसका समय प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 4 बजे तक निर्धारित किया गया है। कथा के प्रथम दिन सुबह 10 बजे श्री शनिदेव मंदिर से एक भव्य कलश व शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो नगर भ्रमण करते हुए कथा स्थल तक पहुंचेगी।

आयोजन की भव्यता को बढ़ाते हुए महोत्सव के दौरान प्रतिदिन भव्य 'श्याम दरबार' सजाया जाएगा और संगीतमय भजन संध्या का आयोजन होगा। भजन संध्या में देश-प्रदेश के ख्यातनाम कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से सुरों का जादू बिखेरेंगे। महोत्सव के अंतिम चरण में 18 अप्रैल को नानी बाई रो मायरो कथा की पूर्णाहुति होगी, जिसके पश्चात विशाल महाप्रसाद का आयोजन रखा गया है। मुख्य भजन संध्या 19 अप्रैल को आयोजित की जाएगी, जिसमें आगरा के प्रसिद्ध भजन गायक राजू बावरा, जयपुर के अमित नामा और कानपुर की जानी-मानी गायिका शैफाली अपनी सुमधुर आवाज में भजनों की प्रस्तुति देंगे। यह महोत्सव न केवल धार्मिक चेतना जगाने का माध्यम बनेगा, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और भाषाई विरासत को भी जीवंत करेगा।

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