चित्तौड़गढ़ में रामद्वारा में चल रही चातुर्मासिक शिव पुराण कथा के दौरान संत दिग्विजयराम महाराज ने मानव जीवन, सद्कर्म, परोपकार और भजन के महत्व पर श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मानव देह सद्कर्म करने से ही मिलती है। आत्मा कभी नहीं बदलती, केवल शरीर बदलता है। जीव आठ बंधनों से बंधा है और इनसे मुक्त होने वाला ही मोक्ष का अधिकारी होता है।

संत दिग्विजयराम महाराज ने कहा कि देह की उत्पत्ति प्रकृति से होती है और देह से कर्म उत्पन्न होते हैं। जीवन का सार यही है कि परोपकार से बड़ा कोई पुण्य नहीं है और दूसरों की आत्मा को दुखाने से बड़ा कोई पाप नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने दुख से दुखी नहीं, बल्कि पड़ोसी के सुख से अधिक दुखी है।



उन्होंने संसार को सपना बताते हुए कहा कि यह उसी तरह निकल जाता है, जैसे अंजुली से पानी निकल जाता है। चातुर्मास को भजन का समय बताते हुए उन्होंने कहा कि यह समय लौटकर नहीं आता। सांसारिक रसों में राम नाम का रस सर्वश्रेष्ठ है। जन्म-मरण का चक्र चलता रहता है, जबकि मानव देह सबसे बड़ा उपहार है और यह सद्कर्म से ही प्राप्त होती है।

संत दिग्विजयराम महाराज ने भक्त शिरोमणि मीराबाई का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण नाम का ही प्रभाव है कि मीरा बाई को आज भी दुनिया याद करती है। उन्होंने भजन और भोजन की तुलना करते हुए कहा कि भजन की कोई मात्रा नहीं होती, जबकि भोजन मात्रा से ही किया जाता है। जब उस परमात्मा ने देने में कोई गिनती नहीं की तो भजन गिनती से क्यों किया जाता है।

उन्होंने कहा कि भजन कभी भी किया जा सकता है, इसका कोई समय नहीं होता। महिला, पुरुष सहित प्राणी मात्र के लिए भजन करने में कोई रोक-टोक नहीं है। रामद्वारा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालू चातुर्मासिक शिव पुराण कथा का श्रवण करने के लिए पहुंच रहे हैं।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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