पोटलां से गढ़बोर चारभुजा के लिए 11 सदस्यीय जत्था रवाना, पदयात्रा का रजत जयंती वर्ष
पोटलां से गढ़बोर चारभुजा के लिए 11 सदस्यीय पदयात्री जत्था रवाना हुआ। 24 वर्षों से जारी इस पदयात्रा ने 25वें वर्ष में प्रवेश किया है। रवानगी पर पूजा-अर्चना, महाआरती और स्वागत हुआ।

तस्वीर में पोटलां कस्बे के रावला चौक स्थित श्री चारभुजा नाथ मंदिर के बाहर 'श्री चारभुजा पद यात्री संघ पोटलां' का बैनर थामे खड़े ग्रामीण, पदयात्री और महिलाएं दिखाई दे रहे हैं।
गंगापुर, भीलवाड़ा। पोटलां कस्बे से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गढ़बोर स्थित मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री चारभुजा नाथ जी के दर्शन के लिए 11 सदस्यीय पदयात्री जत्था धार्मिक वातावरण में रवाना हुआ। इस पदयात्रा ने अपने 25वें वर्ष में प्रवेश किया है, जिससे इस वर्ष की यात्रा रजत जयंती वर्ष के रूप में विशेष बन गई है।
पदयात्रियों ने यात्रा का शुभारंभ गांव के ऐतिहासिक रावला चौक स्थित श्री चारभुजा नाथ बड़े मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और दर्शन के साथ किया। प्रातःकाल मंदिर में मंदिर के पुजारी एवं गांव के प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति में ठाकुर जी की महाआरती की गई। इस दौरान पदयात्रा के सकुशल समापन तथा क्षेत्र में खुशहाली की कामना की गई।
महाआरती के बाद जैसे ही पदयात्रियों ने मंदिर के मुख्य द्वार से प्रस्थान किया, रावला चौक "चारभुजा नाथ की जय" और "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" के जयकारों से गूंज उठा। पदयात्रियों को रवाना करने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, बुजुर्ग, युवा और महिलाएं रावला चौक पर एकत्रित हुए। ग्रामीणों ने सभी 11 पदयात्रियों का माल्यार्पण, गुलाल और तिलक कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर भक्तों ने नृत्य किया और पदयात्रियों को मंगलमयी यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
जत्थे के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि यह पदयात्रा संघ पिछले 24 वर्षों से लगातार गढ़बोर चारभुजा जी की पदयात्रा आयोजित करता आ रहा है। इस वर्ष यात्रा का 25वां वर्ष होने के कारण यह यात्रा विशेष है। 25 वर्षों की निरंतर सेवा और निष्ठा के अवसर पर पदयात्रियों में उत्साह और भक्ति भाव देखने को मिला।
पदयात्री जत्थे में हीरालाल जीनगर, घनश्याम आगाल, सत्यनारायण लखारा, दिलीप मुंदड़ा, शिव आगाल, कालू छिपा, विनय लखारा, संदीप पारीक, संजय सुराणा, रवि छिपा और अनिल लखारा शामिल हैं।
11 सदस्यीय यह जत्था निर्धारित मार्ग से होते हुए विभिन्न विश्राम स्थलों पर प्रभु भजन और संकीर्तन करता हुआ गढ़बोर चारभुजा पहुंचेगा। वहां पदयात्री भगवान चारभुजा नाथ के दरबार में पवित्र ध्वजा (नेजा) अर्पित करेंगे और गांव एवं क्षेत्र की सुख, समृद्धि और शांति के लिए विशेष प्रार्थना करेंगे।
पदयात्रियों की रवानगी के दौरान रामेश्वर लाल आगाल, रामचंद्र टेलर, शंकर लाल लखारा, खेमराज लखारा, गुलाब चंद्र लखारा, माधव लाल गुर्जर, पवन कुमार पामेचा सहित माताएं-बहनें उपस्थित रहीं। 25 वर्षों से चली आ रही यह पदयात्रा इस वर्ष रजत जयंती वर्ष में प्रवेश के साथ अपनी निरंतर धार्मिक परंपरा के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंची है।

