भीलवाड़ा। वस्त्रनगरी भीलवाड़ा का आजाद नगर इलाका उस वक्त दहल उठा जब मोबाइल छीनने जैसी मामूली बात ने एक जानलेवा संघर्ष का रूप ले लिया। सरेआम चली चाकुओं की चमक और घायलों की चीख-पुकार ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आपसी रंजिश के खौफनाक अंजाम को भी उजागर किया है। प्रतापनगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले के मुख्य नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, जबकि अन्य हमलावरों की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

खून-खराबे की इस कहानी की पटकथा 12 जनवरी 2026 की रात को लिखी गई। पीड़ित तनवीर आलम ने अस्पताल के बेड से आपबीती सुनाते हुए बताया कि रात करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच उनका चचेरा भाई मोहम्मद अख्तर घबराया हुआ घर पहुंचा। उसने बताया कि चीकू ढोली और सुनील ढोली ने जबरन उसका मोबाइल छीन लिया है। विवाद को सुलझाने और अपना मोबाइल वापस लेने की नीयत से तनवीर आलम अपने परिजनों के साथ मोहल्ले में बातचीत करने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि सामने खड़े लोग बातचीत नहीं बल्कि जानलेवा हमले की तैयारी में बैठे हैं।

जैसे ही बातचीत शुरू हुई, शांति का माहौल अचानक युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया। आरोपी चीकू ढोली, सुनील ढोली और उनके परिजनों ने आव देखा न ताव, घर के भीतर से धारदार चाकू और लाठियां निकालकर तनवीर और उनके साथियों पर टूट पड़े। सुनील और चीकू ने अंधाधुंध चाकू चलाना शुरू कर दिया। इस खूनी हमले में तनवीर आलम के पैर की जांघ पर गहरा घाव लगा, जबकि आरिफ मोहम्मद के सीने, पेट और जांघ पर चाकुओं के वार से वे बुरी तरह लहूलुहान हो गए। वहीं आवेश नामक युवक के पैर पर भी गंभीर चोटें आईं। हमलावरों ने उनके सिर पर भी वार किए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तुरंत महात्मा गांधी अस्पताल (MGH) ले जाया गया, जहां वे जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

मामले की गंभीरता को भांपते हुए भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी सुनील सिंह (26) पुत्र गजेंद्र सिंह रावणा राजपूत, निवासी खींवसर (नागौर) हाल आजाद नगर को दस्तयाब कर लिया। गहन पूछताछ के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना में संलिप्त अन्य चेहरों और सहयोगियों को भी चिन्हित कर लिया गया है। इस घटना ने शहर में आपसी भाईचारे और सुरक्षा को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है। फिलहाल, आजाद नगर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस प्रशासन की पैनी नजर हर गतिविधि पर टिकी है।

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