भीलवाड़ा में इंटक प्रदेश अध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली का जन्मोत्सव: गांधी मजदूर सेवालय में उमड़ा श्रमिकों का सैलाब
भीलवाड़ा के गांधी मजदूर सेवालय में राजस्थान इंटक प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व राज्य मंत्री जगदीश राज श्रीमाली का जन्मदिवस धूमधाम से मनाया गया। कैलाश व्यास और दीपक व्यास सहित वरिष्ठ नेताओं और भारी संख्या में श्रमिकों की उपस्थिति में केक काटकर खुशियां मनाई गईं। पढ़िए इस भव्य आयोजन की पूरी रिपोर्ट और जानिए कौन-कौन से दिग्गज नेता इस दौरान मौजूद रहे।

भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा के औद्योगिक गलियारों में आज उस समय हर्ष और उल्लास की लहर दौड़ गई, जब राजस्थान इंटक के कद्दावर नेता और पूर्व राज्य मंत्री जगदीश राज श्रीमाली का जन्मदिवस एक उत्सव के रूप में मनाया गया। स्थानीय गांधी मजदूर सेवालय में आयोजित इस गरिमामयी समारोह ने न केवल एक राजनेता के सम्मान को दर्शाया, बल्कि श्रमिकों और उनके नेतृत्व के बीच के अटूट विश्वास की एक जीवंत तस्वीर भी पेश की। दोपहर ठीक एक बजे जब केक काटने की रस्म अदायगी हुई, तो परिसर "श्रीमाली साहब अमर रहें" के नारों से गुंजायमान हो उठा, जो प्रदेश की राजनीति में उनके बढ़ते कद और लोकप्रियता का प्रत्यक्ष प्रमाण था।
इस भव्य आयोजन की कमान गांधी मजदूर सेवालय के अध्यक्ष कैलाश व्यास ने संभाली, जिन्होंने केक काटकर अपने प्रिय नेता के दीर्घायु होने की कामना की। उत्सव का माहौल तब और भी मिठास से भर गया जब उपस्थित अतिथियों और श्रमिक साथियों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। कार्यक्रम में विशिष्ट रूप से उपस्थित जिला इंटक अध्यक्ष दीपक व्यास और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम दत्त शर्मा ने श्रीमाली के नेतृत्व को राजस्थान के श्रमिक आंदोलन की रीढ़ बताया। उनके साथ ही नंदलाल गाडरी, भेरू सिंह टांक, कालू लाल बलाई, गोपाल गुर्जर और गोपाल तेली जैसे प्रमुख चेहरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस आयोजन को और भी प्रभावशाली बना दिया।
समारोह में बिजली कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि ओमप्रकाश वैष्णव और महिला प्रदेश सचिव प्रीति शर्मा की सक्रिय सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि श्रीमाली का प्रभाव समाज के हर वर्ग और संगठन में गहराई तक व्याप्त है। इनके अलावा वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्ता दुर्गेश शर्मा, रामगोपाल पुरोहित, पिरूभाई मंसूरी, मदनसिह टांक और भेरूलाल पारीक ने भी कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। व्यवस्थाओं को सुचारू रूप देने में कार्यालय सचिव सत्यनारायण सेन और जगन्नाथ सिंह सहित अनगिनत श्रमिकों का विशेष योगदान रहा। यह केवल एक जन्मदिन का जश्न नहीं था, बल्कि भीलवाड़ा की धरती से राजस्थान के श्रमिक हितों की रक्षा के संकल्प को दोहराने का एक वैचारिक मंच बन गया, जिसने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि जगदीश राज श्रीमाली का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव आज भी जन-जन के हृदय में अडिग है।

