भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत आसींद थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक सुनियोजित कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय मोटरसाइकिल चोर गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने न केवल पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया, बल्कि जंगल और दुर्गम पहाड़ियों के बीच छिपाकर रखी गई आठ कीमती मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं। यह कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ती वाहन चोरी की वारदातों पर लगाम लगाने की दिशा में एक निर्णायक प्रहार माना जा रहा है।

घटनाक्रम की शुरुआत 13 जनवरी 2026 की रात को हुई, जब पुलिस को एक सटीक मुखबिर के जरिए गुप्त सूचना प्राप्त हुई। सूचना के मुताबिक, भीलों की झोपड़िया और आमलीखेड़ा से बरनाघर जाने वाले कच्चे रास्ते के पास स्थित घने जंगलों और पहाड़ियों में कुछ संदिग्ध युवक चोरी की बाइकों के साथ किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने या माल ठिकाने लगाने की फिराक में छिपे हुए थे। समय की नजाकत को देखते हुए आसींद थाना पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और बिना वक्त गंवाए चिन्हित इलाके की चौतरफा घेराबंदी शुरू कर दी।

अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की फिराक में बैठे बदमाशों को पुलिस ने पेशेवर रणनीति के साथ दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अजीतपुरा निवासी सुरज बैरवा (18), इंद्रा कॉलोनी विजयनगर हाल निवासी आमलीखेड़ा विशाल प्रजापत (22), झड़ू का खेड़ा हाल निवासी आमलीखेड़ा सुरज प्रकाश भील (25), अजीतपुरा निवासी महावीर गुर्जर (18) और रायरा थाना शंभूगढ़ निवासी चैनाराम उर्फ पप्पू गुर्जर (25) शामिल हैं। शुरुआती पूछताछ में इन आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ाई से हुई पूछताछ के बाद उन्होंने जंगल की गुफाओं और झाड़ियों में छिपाकर रखी गई बाइकों का राज उगल दिया। पुलिस ने मौके से बिना नंबर की 8 मोटरसाइकिलें बरामद कीं, जिनमें हीरो स्प्लेंडर, सुपर स्प्लेंडर के साथ-साथ यामाहा R-15 और केटीएम 200 जैसी स्पोर्ट्स बाइकें भी शामिल थीं।

जांच में यह भी सामने आया कि पकड़े गए आरोपी महज 18 से 25 वर्ष की आयु के युवा हैं, जो कम समय में रईस बनने के लालच में इस काली दुनिया में कदम रख चुके थे। यह गिरोह अक्सर सुनसान ग्रामीण इलाकों और कस्बों को अपना निशाना बनाता था और चोरी के तुरंत बाद वाहनों को शहर से दूर पहाड़ियों में सुरक्षित छिपा देता था। पुलिस ने सभी बरामद वाहनों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 106 के तहत जब्त कर लिया है। आसींद पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में जिले के कई अन्य चोरी के मामलों और इस गिरोह के मददगारों का भी पर्दाफाश होगा।

Pratahkal Bureau

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