भीलवाड़ा में भूनास कारोई बिंदौली प्रकरण: आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से बहुजन संगठनों में उबाल, एसपी को सौंपा चेतावनी भरा ज्ञापन
भीलवाड़ा के भूनास कारोई गांव में बैरवा समाज की बिंदौली के दौरान हुई मारपीट के मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से बहुजन संगठनों में रोष फैल गया है। भीम आर्मी व अन्य संगठनों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

भीलवाड़ा।
भूनास कारोई गांव में बैरवा समाज की बिंदौली (निकासी) के दौरान दलित समाज के लोगों के साथ हुई मारपीट और अभद्रता का मामला अब सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर तनाव का कारण बनता जा रहा है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से आक्रोशित विभिन्न बहुजन और अंबेडकरवादी संगठनों ने सोमवार को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी।
संगठनों की ओर से बताया गया कि 11 दिसंबर 2025 को भूनास कारोई में बैरवा समाज की पारंपरिक बिंदौली निकाली जा रही थी। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने कथित रूप से जातिवादी मानसिकता के तहत बिंदौली को रोक दिया और समाज के लोगों के साथ गंभीर मारपीट व अभद्र व्यवहार किया। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवारों को आहत किया, बल्कि पूरे दलित और बहुजन समाज में रोष और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी।
भीम आर्मी के जिला संयोजक पंकज डीडवानिया ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि इस गंभीर मामले में पुलिस ने अब तक केवल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई के अभाव में समाज का विश्वास प्रशासन से डगमगा रहा है।
संविधान बचाओ संघर्ष समिति के जिला संयोजक मोतीलाल सिंघानिया ने घटना को आज़ाद भारत में भी जारी जातिवादी सोच का परिणाम बताते हुए गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि घोड़ी पर बैठकर बिंदौली निकालना आज भी कुछ लोगों को स्वीकार नहीं है, जो समाज और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय है। ऐसे तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
भीम आर्मी के प्रदेश महासचिव सुरेश मेघवंशी ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में सभी फरार अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो बहुजन समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ होगा।
वहीं, चिरंजीलाल ने आरोप लगाया कि पुलिस के ढुलमुल रवैये के चलते आरोपी पीड़ित पक्ष को केस वापस लेने के लिए डरा-धमका रहे हैं, जिससे समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पंकज डीडवानिया, मोतीलाल सिंघानिया, सुरेश मेघवंशी, चिरंजीलाल, प्रहलाद बैरवा, बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष किशन किर सहित विभिन्न बहुजन संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगठनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित गिरफ्तारी की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और कानून व्यवस्था की परीक्षा है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
