भीलवाड़ा के विकास को लगेंगे पंख: उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बजट 2026-27 के लिए टटोली जनता की नब्ज, अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
भीलवाड़ा में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बजट 2026-27 के लिए जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की। सांसद दामोदर अग्रवाल और विधायकों की मौजूदगी में स्टेकहोल्डर्स से संवाद कर विकास के सुझाव लिए गए। डॉ. बैरवा ने पूर्व बजट घोषणाओं की 100% क्रियान्विति के निर्देश देते हुए अधिकारियों को समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कड़ी चेतावनी दी है।

भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा के सर्वांगीण विकास और जन-आकांक्षाओं को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार ने अपनी कमर कस ली है। मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने आगामी बजट 2026-27 की तैयारियों को लेकर न केवल अधिकारियों की क्लास ली, बल्कि जिले के भविष्य का रोडमैप तैयार करने के लिए सीधे स्टेकहोल्डर्स से संवाद किया। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बजट घोषणाओं का क्रियान्वयन कागजों में नहीं बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक की शुरुआत में डॉ. बैरवा ने पूर्ववर्ती बजट घोषणाओं की विभागवार बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर गहरा असंतोष व्यक्त किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि जो कार्य प्रगति पर हैं, उनकी गति को दोगुना किया जाए और जो योजनाएं लंबित हैं, उन्हें समयबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाए। डॉ. बैरवा ने अधिकारियों को नसीहत दी कि पारदर्शिता और जवाबदेही राज्य सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में मानवीय संवेदना और सक्रियता का परिचय दें।
इस महत्वपूर्ण मंथन के दौरान भीलवाड़ा के जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। सांसद श्री दामोदर अग्रवाल, शहर विधायक श्री अशोक कोठारी, शाहपुरा विधायक श्री लालाराम बैरवा और जनप्रतिनिधि श्री प्रशांत मेवाड़ा ने जिले की स्थानीय समस्याओं और विकास की संभावनाओं को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। इन जनप्रतिनिधियों ने विशेष रूप से आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण और स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक का सबसे खास पहलू विभिन्न हितधारकों के साथ हुआ सीधा संवाद रहा। कलेक्ट्रेट सभागार में स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, कल्याणी फाउंडेशन एनजीओ, आईएमए (IMA) के अध्यक्ष व सचिव, मेवाड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स, लघु उद्योग भारती और टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने भीलवाड़ा के औद्योगिक और सामाजिक ढांचे को नई ऊंचाई देने के लिए विचार रखे। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार, महिला सशक्तिकरण और युवा प्रतिनिधियों ने रोजगार सृजन, कौशल विकास, स्वच्छता, जलापूर्ति और सड़क परिवहन की गुणवत्ता सुधारने के लिए विस्तृत प्रस्ताव रखे। डॉ. बैरवा ने आश्वासन दिया कि इन व्यावहारिक सुझावों को राज्य सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा ताकि आगामी बजट को समावेशी बनाया जा सके।
प्रशासनिक स्तर पर जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने जिले में चल रहे विकास कार्यों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने वर्तमान में पूर्ण हो चुके प्रोजेक्ट्स और पाइपलाइन में मौजूद योजनाओं की वस्तुस्थिति से उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह और एडीएम सिटी श्रीमती प्रतिभा देवटिया सहित जिले के समस्त आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि भीलवाड़ा का आगामी विकास मॉडल न केवल आधुनिक होगा, बल्कि आम जनता की जरूरतों के अनुरूप अधिक व्यावहारिक और जनोन्मुखी भी होगा।

