भीलवाड़ा में अतिक्रमण के खिलाफ शंखनाद: क्या प्रशासन मुक्त कराएगा शहर की ये 9 लाइफलाइन?
भीलवाड़ा में अतिक्रमण और जाम के खिलाफ जन चेतना जन अधिकार संस्था ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन। शहर के 9 प्रमुख मार्गों से अवैध केबिन और पक्के निर्माण हटाने की मांग तेज। सचिव ईश्वर खोईवाल और अध्यक्ष महेश सोनी के नेतृत्व में उठी आवाज, क्या अब सुधरेगी शहर की यातायात व्यवस्था? पढ़ें पूरी खबर।

भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा की सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण और दम तोड़ती यातायात व्यवस्था के खिलाफ अब जनता का आक्रोश सड़कों पर उतर आया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची है, जिससे आम नागरिक हर दिन जाम के जंजाल में फंसने को मजबूर है। इसी ज्वलंत समस्या के समाधान हेतु 'जन चेतना जन अधिकार संस्था' ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक निर्णायक कदम उठाया है। शनिवार को संस्था के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें शहर के नौ अति-व्यस्त क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने की पुरजोर मांग की गई है।
संस्था के सचिव ईश्वर खोईवाल ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान उन विशिष्ट हॉटस्पॉट्स की ओर खींचा है, जो वर्तमान में शहर के लिए गले की हड्डी बन चुके हैं। ज्ञापन में बताया गया कि जिलाधीश कार्यालय से कोर्ट, गोल प्याऊ और स्टेशन चौराहा मार्ग पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इसी तरह कृषि उपज मंडी चौराहा से सांगानेरी गेट व रामसनेही चौराहा, अजमेर चौराहा से सुखाडिया सर्कल और गांधीनगर चौराहा से बिलिया रीको मार्ग पर अवैध कब्जों ने सड़कों को संकरा कर दिया है। संस्था ने गोल प्याऊ से भीमगंज थाना मार्ग, महात्मा गांधी अस्पताल के संवेदनशील इलाके, सर्किट हाउस से बीएनएसएल अशोक लीलैंड चौराहा, यातायात थाने से आजादनगर जाने वाले मार्ग और अहिंसा सर्किल सहित तिलक नगर में व्याप्त अव्यवस्थाओं की सूची प्रशासन को सौंपी है।
संस्था के अध्यक्ष महेश सोनी ने कड़े शब्दों में कहा कि इन मार्गों पर स्थाई रूप से जम चुके ठेले, अवैध केबिन और पक्के निर्माणों के कारण जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घंटों लगने वाले जाम के कारण न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि शहर को सुव्यवस्थित करने के लिए अब कड़े और दंडात्मक कदम उठाना अनिवार्य हो गया है। इस दौरान संस्था ने स्पष्ट किया कि वे जनहित के लिए सदैव संघर्षरत रहेंगे और अतिक्रमण मुक्त अभियान में प्रशासन का पूर्ण सहयोग करेंगे। ज्ञापन सौंपने के इस महत्वपूर्ण अवसर पर आशीष राजस्थला, मोहसिन अली मंसूरी, रामगोपाल पुरोहित, दुर्गेश शर्मा, फारूक मंसूरी और हरफूल जाट सहित संस्था के कई सक्रिय सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर शहर की सूरत बदलने की आवाज उठाई। अब देखना यह है कि प्रशासन इस जनहित की पुकार पर कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है।

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