भटेवर गांव में विमला कंवर ने प्रताड़ना से तंग आकर संदिग्ध परिस्थितियों में विषपान किया, उपचार के दौरान महात्मा गांधी अस्पताल में तोड़ा दम।

भीलवाड़ा जिले के रायपुर थाना क्षेत्र स्थित भटेवर गांव में एक हृदयविदारक मामला प्रकाश में आया है, जहां एक विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में विषपान कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतका की पहचान विमला कंवर के रूप में हुई है। इस आत्मघाती कदम के पश्चात मृतका के पति श्रवण सिंह पुत्र शिव सिंह रावणा राजपूत ने रायपुर थाना पुलिस को लिखित प्रतिवेदन सौंपकर आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई एवं तत्काल गिरफ्तारी की गुहार लगाई है। पुलिस ने मृतका के पार्थिव देह को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।
पीड़ित पति श्रवण सिंह, जो वर्तमान में अहमदाबाद में कबाड़ (स्क्रैप) का व्यवसाय करता है, उसने पुलिस को दी गई अपनी रिपोर्ट में घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, 25 मई 2026 को भटेवर में उसकी मौसी का स्वर्गवास हो गया था, जिसके अंतिम संस्कार में सम्मिलित होने के लिए उसकी पत्नी विमला कंवर वहां गई थी। दोपहर लगभग 3 बजे जब वह पैदल अपनी मौसी सास के आवास से लौट रही थी, तभी मार्ग में भटेवर निवासी ललित शर्मा, उसकी पुत्री रंजना शर्मा और जगदीश पुत्र मोतीलाल शर्मा ने उसे बलपूर्वक एक मकान के भीतर खींच लिया। वहां आरोपियों ने विमला के साथ अत्यंत निर्दयतापूर्वक मारपीट की और उस पर मिथ्या लांछन लगाते हुए उसे सार्वजनिक रूप से कलंकित करने तथा प्राणों से मारने की धमकी दी।
इस अप्रत्याशित अपमान और शारीरिक प्रताड़ना से विमला गहरे मानसिक आघात में चली गई और पूर्णतः मौन रहने लगी। इसके उपरांत भी आरोपियों की उद्दंडता समाप्त नहीं हुई और वे निरंतर उनके आवास के बाहर चक्कर लगाकर पीड़िता को प्रताड़ित करते रहे। इस असहनीय मानसिक वेदना से व्यथित होकर विमला कंवर ने 28 मई 2026 की प्रातः काल करीब 6 बजे विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया। स्थिति बिगड़ने पर उसे सर्वप्रथम रायपुर के राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के पश्चात उसकी गंभीर अवस्था को देखते हुए भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल के लिए संदर्भित (रेफर) कर दिया गया।
चिकित्सालय में उपचार के दौरान जब विमला को होश आया, तो उसने अपने पति को आपबीती सुनाते हुए बताया कि आरोपी जगदीश शर्मा विगत 6 माह से उसे खेत पर एकांत में पाकर निरंतर डरा-धमका रहा था और प्रताड़ित कर रहा था। सामाजिक प्रतिष्ठा और लोक-लाज के भयवश उसने इस उत्पीड़न को अब तक गुप्त रखा था। अंततः आरोपियों द्वारा दी जा रही निरंतर धमकियों और बदनामी के भय से टूटकर उसने यह आत्मघाती निर्णय लिया। दुर्भाग्यवश, उपचार के क्रम में ही 29 मई 2026 की संध्या को विमला कंवर ने दम तोड़ दिया। रायपुर थाना पुलिस ने पीड़ित पति की रिपोर्ट पर संबंधित धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर गहन अनुसंधान प्रारंभ कर दिया है। यह घटना समाज में व्याप्त प्रताड़ना के भयावह स्वरूप और उससे उपजे घातक परिणामों को रेखांकित करती है।

