भीलवाड़ा: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर महिला ने दी जान, आरोपी पर कार्रवाई की मांग
सेमला का बाड़िया गांव में अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी से परेशान विधवा महिला ने जहर खाया, परिजनों ने गिरफ्तारी तक शव उठाने से किया इनकार।

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के सेमला का बाड़िया गांव में ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना की आग ने एक और हंसते-खेलते परिवार को राख कर दिया है। एक मजबूर मां ने कथित तौर पर समाज में बदनामी के डर और प्रताड़ना से तंग आकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतका ललिता (30), जो कि स्वर्गीय हेम सिंह की पत्नी थी, उसकी मौत ने न केवल ग्रामीण क्षेत्र को झकझोर दिया है बल्कि पुलिस प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली पर भी तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतका के देवर देवीसिंह रावत ने इंद्र सिंह नामक युवक पर रोंगटे खड़े कर देने वाले गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के अनुसार, इंद्र सिंह पिछले कई दिनों से ललिता को फोन पर निरंतर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। आरोपी महिला के 'अश्लील फोटो और वीडियो' सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार डरा-धमका रहा था। इसी असहनीय मानसिक दबाव और लोक-लाज के भय के कारण ललिता ने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया। जहर सेवन के तत्काल बाद उसे आनन-फानन में आसींद अस्पताल ले जाया गया, जहाँ गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे भीलवाड़ा रेफर किया गया, लेकिन चिकित्सकों के भरसक प्रयासों के उपरांत भी उसे बचाया नहीं जा सका।
इस हृदयविदारक घटना ने दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए छीन लिया है। ललिता के दो बेटे हैं, जिनमें से एक की आयु नौ वर्ष और दूसरे की मात्र चार वर्ष है। पिता की मृत्यु के बाद ये बच्चे अपनी मां के आंचल में भविष्य तलाश रहे थे, लेकिन अब उनके जीवन में केवल आंसुओं का सैलाब शेष है। घटना को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक मुख्य आरोपी इंद्र सिंह की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। देवी सिंह ने यह व्यथित करने वाला खुलासा भी किया कि लगभग 8-10 माह पूर्व उनके भाई हेमसिंह की मृत्यु भी इन्हीं संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी, परंतु उस समय प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए। देवी सिंह रावत ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए ताकि किसी और का घर इस तरह न उजड़े।

