वस्त्र नगरी भीलवाड़ा की उचित मूल्य दुकानों पर पिछले दस महीनों से व्याप्त गेहूं की भारी किल्लत ने अब एक गंभीर संकट का रूप ले लिया है, जिसके विरोध में स्थानीय राशन डीलरों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को राशन डीलर समन्वय समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा के नेतृत्व में डीलरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा के नाम ज्ञापन सौंपकर आवंटित कोटे में तत्काल वृद्धि और डीलरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। डीलरों का स्पष्ट कहना है कि 'वन नेशन-वन राशन कार्ड' योजना के लागू होने के बाद भीलवाड़ा में कार्यरत अन्य राज्यों और जिलों के हजारों प्रवासी श्रमिकों द्वारा यहीं से राशन का उठाव किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप शहर का निर्धारित खाद्य कोटा समय से काफी पहले ही समाप्त हो जाता है। इस विसंगति के कारण स्थानीय मूल उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे उपजे आक्रोश का शिकार सीधे तौर पर राशन दुकानदारों को होना पड़ रहा है। जब दुकानदार स्टॉक खत्म होने की सूचना देते हैं, तो उन्हें न केवल अभद्र व्यवहार झेलना पड़ता है, बल्कि मारपीट की धमकियों का सामना भी करना पड़ रहा है।

हालात की गंभीरता को भांपते हुए जिला रसद अधिकारी ने भी अतिरिक्त खाद्य आयुक्त, जयपुर को पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। विभाग ने सरकार से आग्रह किया है कि भीलवाड़ा की इन विशेष परिस्थितियों को देखते हुए गेहूं के मासिक आवंटन में कम से कम 5 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी की जाए और अन्य राज्यों के उपभोक्ताओं के पोर्टेबिलिटी ट्रांजैक्शन का लंबे समय से बकाया कमीशन तुरंत जारी किया जाए। सौंपे गए ज्ञापन में डीलरों ने स्पष्ट रूप से मांग रखी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बचने वाले सरप्लस गेहूं को शहर की जरूरतमंद दुकानों को हस्तांतरित किया जाए तथा करीब 5 से 6 हजार ऐसे ग्रामीण उपभोक्ताओं की स्थायी सीडिंग शहर की दुकानों पर की जाए जो यहीं से राशन ले रहे हैं। इसके साथ ही, अन्य राज्यों के राशन वितरण पर बकाया कमीशन का भुगतान करने और डीलरों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले अराजक तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा के साथ मुश्ताक अहमद शेख, महावीर प्रसाद राठी, संजय खटीक, अब्दुल हमीद मेव, ज्ञानमल खटीक, श्यामलाल जैन और मुकेश खोईवाल सहित अनेक राशन डीलर उपस्थित रहे, जिन्होंने इस समस्या का स्थायी समाधान न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

Pratahkal Bureau

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