भीलवाड़ा: कड़ाके की ठंड में मानवता की गर्माहट, भारत विकास परिषद् ने ओढ़ाए सेवा के कंबल
भीलवाड़ा में भीषण शीत लहर के बीच भारत विकास परिषद् वीर शिवाजी शाखा द्वारा चार दिवसीय कंबल वितरण अभियान का सफल आयोजन किया गया। रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड और एमजी अस्पताल में जरूरतमंदों को निःशुल्क कंबल बांटकर मानवता की सेवा की गई। इस सेवा प्रकल्प का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट और जानिए कैसे आप भी इस अभियान से जुड़ सकते हैं।

भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में इन दिनों प्रकृति के तीखे तेवरों और हाड़ कंपा देने वाली शीत लहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे भीषण दौर में जब संपन्न वर्ग अपने घरों की चारदीवारी में सुरक्षित है, तब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े निराश्रितों और असहायों के लिए 'भारत विकास परिषद्' की वीर शिवाजी शाखा एक मसीहा बनकर उभरी है। परिषद् द्वारा संचालित चार दिवसीय सघन कंबल वितरण अभियान ने न केवल ठिठुरते शरीरों को राहत दी, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की एक नई मिसाल पेश की है।
शाखा अध्यक्ष सुभाष मोटवानी के नेतृत्व में इस सेवा प्रकल्प का आगाज शहर की विभिन्न कच्ची बस्तियों से हुआ, जहां प्रतिदिन परिषद् के सदस्यों ने पहुंचकर अभावग्रस्त परिवारों की सुध ली। अभियान के चौथे और समापन दिवस पर सेवा का जज्बा उस समय चरम पर दिखा, जब रात्रि के घनघोर अंधेरे और भीषण गलन के बीच परिषद् की टीम रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड और महात्मा गांधी चिकित्सालय के शिशु एवं जनाना वार्ड पहुंची। वहां उपचाराधीन बच्चों के परिजनों और खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर यात्रियों को जब गर्म कंबल मिले, तो उनके चेहरों पर उपजी संतोष की मुस्कान इस अभियान की सफलता की गवाह बनी।
आयोजन के मुख्य प्रभारी हुकुम सिंह पथरिया ने इस मानवीय पहल के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि सेवा, संस्कार और समर्पण ही परिषद् की कार्यप्रणाली का मूल आधार है। उन्होंने घोषणा की कि यह सेवा मात्र एक अभियान तक सीमित नहीं रहेगी। समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए परिषद् ने इसे एक स्थायी प्रकल्प का रूप दिया है। अब कोई भी जरूरतमंद नागरिक यूआईटी मार्केट स्थित न्यू मास्टर साउंड से निःशुल्क कंबल प्राप्त कर सकता है। प्रशासन और समाज के विभिन्न वर्गों ने परिषद् के इस कदम को अत्यंत सराहनीय बताया है, क्योंकि यह प्रयास सीधे तौर पर उन लोगों के जीवन रक्षा से जुड़ा है जो मौसम की मार झेलने में असमर्थ हैं।
इस पुनीत कार्य में शाखा परिवार के सदस्यों की सक्रियता और एकजुटता अनुकरणीय रही। अभियान को सफल बनाने में हुकुम सिंह पथरिया, दिव्य मेहता, मनोज सोनी, उमेश शर्मा, हरीश अग्रवाल, पुनीत भूतरा, शेखर सारस्वत, टोनी गाड़िया, हितेष तोषनीवाल, अमित पटवारी, रिंकेश अग्रवाल, अशोक राठी, कमलेश बोड़ाना, धर्मेंद्र देवनानी, कमल राजानी, सुनील भंसाली, दीपक चोरड़िया, रेणु तोषनीवाल, वर्षा मित्तल, सरिता जैन, संगीता ओझा, सुनीता वर्मा, कुसुम राठी, शशि बोड़ाना, श्वेता भूतरा, चंदा समदानी, सुमन नंदवाना, मधु नंदवाना, कोमल मोटवानी, भारती गाड़िया, अंजु कोठारी और अनीता अग्रवाल सहित समस्त टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। भारत विकास परिषद् का यह प्रकल्प भीलवाड़ा शहर में न केवल ठंड से राहत का माध्यम बना है, बल्कि इसने समाज में परोपकार और संवेदनशीलता की अलख को और प्रज्वलित कर दिया है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
