सर्वकल्याण की कामना के साथ संपन्न हुआ 11 कुण्डीय श्री विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ
छोटी हरणी स्थित हनुमान टेकरी आश्रम में सात दिवसीय महायज्ञ की पूर्णाहुति हुई। इस दौरान वृंदावन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रासलीला का भी समापन हुआ।

भीलवाड़ा के छोटी हरणी स्थित हनुमान टेकरी आश्रम में आयोजित धार्मिक उत्सव के अंतिम दिन शनिवार रात को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित रासलीला की प्रस्तुति देते वृंदावन के कलाकार।
धर्मनगरी भीलवाड़ा में पहली बार छोटी हरणी स्थित हनुमान टेकरी आश्रम में आयोजित सात दिवसीय 11 कुण्डीय श्री विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ का रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार, पूर्ण विधि-विधान और भक्तिभाव के वातावरण में समापन हुआ। महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के सान्निध्य में आयोजित इस महायज्ञ की पूर्णाहुति अभिजीत मुहूर्त में सर्वकल्याण, आरोग्यमय एवं सुखमय जीवन तथा गौमाता की रक्षा की कामना के साथ सम्पन्न हुई।
पूर्णाहुति एवं महाआरती के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संत-महात्माओं, यजमानों और सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात महाआरती संपन्न हुई तथा विशाल भंडारे के माध्यम से श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। इसके साथ ही श्री राधा रासेश्वरी रासलीला मंडल, श्रीवृंदावनधाम मथुरा द्वारा प्रस्तुत की जा रही भक्तिमय रासलीला का भी समापन हुआ।
महायज्ञ के अंतिम दिन प्रातःकाल महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के सान्निध्य में यज्ञ मंडप में श्री शारदा सनातन परमार्थ न्यास के वेदाचार्य पंडित मुकेश शास्त्री के निर्देशन में यज्ञीय अनुष्ठान संपन्न हुए। वेदाचार्य मुकेश शास्त्री ने बताया कि पूजन-अर्चन के पश्चात यजमानों द्वारा गौपूजन, ब्राह्मण पूजन एवं विशेष वैदिक अनुष्ठान किए गए। पूर्णाहुति के दौरान महालक्ष्मी से समस्त श्रद्धालुओं के सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की गई।
महायज्ञ की एक विशेषता यह रही कि प्रत्येक यज्ञ वेदी पर यजमानों के साथ लक्ष्मी स्वरूपा कन्याओं ने भी आहुतियां अर्पित कर विश्वकल्याण एवं सुख-समृद्धि की कामना की। महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा ने बताया कि लक्ष्मी स्रोत से सिद्ध किए गए 111 कलश पूर्णाहुति के पश्चात विधिवत रूप से यजमानों को प्रदान किए गए।
इस अवसर पर हरिशेवाधाम सनातन मंदिर के महामंडलेश्वर हंसारामजी महाराज, हाथीभाटा आश्रम के महन्त संतदास महाराज, महन्त रामायणी महाराज, पुजारी मुरारी पांडे, सालगराम महाराज, दामोदर महाराज एवं श्यामशरण महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं का सान्निध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। महायज्ञ में बड़ी संख्या में यजमानों एवं भक्तों ने आहुतियां देकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई।
पूर्णाहुति समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों रमताराम (जोगी) भी आश्रम पहुंचे, जिन्हें भोजन प्रसाद एवं दक्षिणा प्रदान कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
इधर, रासलीला के अंतर्गत शनिवार रात्रि को वृंदावन से आए कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों की भावपूर्ण और सजीव प्रस्तुतियां दीं। रासलीला आरंभ होने से पूर्व विशिष्ट अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी की आरती कर आयोजन का शुभारंभ किया। दामोदरदास काठियाबाबा के निर्देशन में प्रस्तुत रासलीला ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव से सराबोर कर दिया। छोटी हरणी सहित भीलवाड़ा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने आयोजन का श्रद्धाभाव से आनंद लिया।
सात दिनों तक चले इस भव्य धार्मिक आयोजन का समापन श्रद्धा, आस्था और लोककल्याण की मंगलकामनाओं के साथ हुआ, जिसने क्षेत्र के धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की।

Pratahkal Bureau
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