भीलवाड़ा, 10 जून। पुरुषोत्तम मास की आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक आस्था के वातावरण के बीच भीलवाड़ा के छोटी हरणी स्थित हनुमान टेकरी आश्रम में आयोजित सप्त दिवसीय 11 कुण्डीय श्री विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ का तीसरा दिन श्रद्धा, वैदिक अनुष्ठानों और भक्तिभाव से परिपूर्ण रहा। विश्व शांति, सर्वमंगल और भगवान श्री हरि एवं माता लक्ष्मी की कृपा की कामना के साथ यज्ञवेदी में आहुतियों का क्रम जारी रहा, वहीं रात्रिकालीन रासलीला में भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव और नंदोत्सव की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के सान्निध्य में पहली बार आयोजित इस महायज्ञ में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम परिसर पहुंचे। सुबह 8 बजे से आरंभ हुए अनुष्ठानों का संचालन श्री शारदा सनातन परमार्थ न्यास के वेदाचार्य पंडित मुकेश शास्त्री के निर्देशन में किया गया।

वैदिक विधि-विधान के अनुसार यज्ञकर्ता यजमानों को पंचगव्य प्राशन कराकर यज्ञमण्डप में प्रवेश कराया गया। इसके बाद पवित्रीकरण, स्वस्तिवाचन और प्रधान संकल्प की प्रक्रिया सम्पन्न हुई। यज्ञ की निर्विघ्नता के लिए श्री महागणपति पूजन किया गया तथा मण्डप वास्तु पूजन के साथ आह्वानित देवी-देवताओं एवं गौमाता का विधिवत पूजन सम्पन्न हुआ। प्रत्येक यज्ञ वेदी पर यजमानों के साथ लक्ष्मी स्वरूपा कन्याओं ने भी आहुति देकर विश्व में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।

हवन अनुष्ठान में बड़ी संख्या में यजमानों ने सहभागिता निभाई। आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ दिन के यज्ञ कार्यक्रम का विश्राम हुआ। आयोजन समिति के अनुसार महायज्ञ 14 जून तक प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

धार्मिक आयोजन के अंतर्गत मंगलवार रात्रि आश्रम परिसर में श्री राधा रासेश्वरी रासलीला मण्डल, श्रीवृन्दावनधाम मथुरा द्वारा भक्तिपूर्ण रासलीला प्रस्तुत की गई। महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के सान्निध्य में आयोजित इस प्रस्तुति में कृष्ण जन्म और नंदोत्सव के प्रसंगों का सजीव मंचन हुआ।

मण्डल के निर्देशक दामोदरदास काठियाबाबा के निर्देशन में देवकी के गर्भ से काल के उद्भव की आकाशवाणी, देवकी और वासुदेव को कारागृह में बंद किए जाने, भगवान कृष्ण के जन्म तथा वासुदेव द्वारा उन्हें टोकरी में रखकर उफनती यमुना पार कर गोकुल पहुंचाने जैसे प्रसंगों को मंचित किया गया। इसके साथ ही कृष्ण जन्म के उपरांत गोकुलवासियों के उल्लासपूर्ण नंदोत्सव का भी प्रभावशाली चित्रण किया गया।

मण्डल के राजू स्वामी ने बताया कि रासलीला में भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़े विविध प्रसंगों की प्रस्तुति दी जा रही है। 16 कलाकारों के दल ने मंचन किया, जिसमें देवकी, यशोदा, राधा और गोपी जैसे महिला पात्रों की भूमिका भी पुरुष कलाकारों ने निभाई। कार्यक्रम के आरंभ में विशिष्ट अतिथियों द्वारा ठाकुरजी की आरती की गई। रासलीला का आयोजन प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से किया जा रहा है।

आस्था, वैदिक परंपरा और सांस्कृतिक प्रस्तुति के इस संगम ने हनुमान टेकरी आश्रम को इन दिनों धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक उत्सव का केंद्र बना दिया है, जहां श्रद्धालु यज्ञ और रासलीला के माध्यम से धर्म एवं संस्कृति के विविध आयामों से जुड़ रहे हैं।

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