जिस प्रकार मानव शरीर को निरोगी और फिट रखने के लिए योग, व्यायाम तथा उपवास को अपरिहार्य माना गया है, ठीक उसी प्रकार हमारी धरा और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए अब ऊर्जा की बचत करना बेहद अनिवार्य हो गया है। इसी महती आवश्यकता को भांपते हुए भीलवाड़ा के नागरिकों को ऊर्जा संरक्षण के प्रति सजग करने के लिए एक अनूठे अभियान का आगाज होने जा रहा है। अपना संस्थान भीलवाड़ा, भारत विकास परिषद भीलवाड़ा एवं नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर यानी कल, 4 जून को 'ऊर्जा उपवास' अभियान का भव्य शुभारंभ किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण की इस अनूठी मुहिम के तहत रात 8.15 बजे नगर निगम के महाराणा प्रताप सभागार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें प्रबुद्ध अतिथियों एवं वक्ताओं द्वारा आमजन से ऊर्जा बचाने के लिए 'उपवास' धारण करने का पुरजोर आह्वान किया जाएगा।

यह ऊर्जा उपवास किसी परंपरागत उपवास की तरह शरीर को कष्ट देकर नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली में पेट्रोल-डीजल की बचत कर, बिजली-पानी का उपभोग कम करके, एयर कंडीशनर का संचालन घटाकर, मोबाइल का उपयोग कम करके तथा टीवी कम चलाने सहित विभिन्न व्यावहारिक माध्यमों से स्वेच्छा से किया जा सकेगा। इस युगांतरकारी अभियान की रूपरेखा और तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए अपना संस्थान भीलवाड़ा, भारत विकास परिषद भीलवाड़ा एवं नगर निगम की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक मंगलवार रात को शास्त्रीनगर स्थित भारत विकास परिषद भवन में संपन्न हुई। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने बहुमूल्य सुझाव देते हुए कहा कि शहर की विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं, प्रबुद्ध जनों तथा ऊर्जावान युवाओं को इस अभियान से सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे वे ऊर्जा की बचत कर राष्ट्र विकास एवं पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकें।

यह अभियान मात्र एक दिन की सांकेतिक औपचारिकता न होकर पूरे वर्ष निरंतर चलाया जाएगा, जिसके तहत विभिन्न संगोष्ठियों एवं जन-जागरण कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को व्यावहारिक रूप से 'ऊर्जा उपवास' करने के तौर-तरीके सिखाए जाएंगे। बैठक में अपना संस्थान के सचिव विनोद मैलाना ने अभियान के दूरगामी लक्ष्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य भीलवाड़ा में ऊर्जा उपवास अभियान से जन-जन को जोड़ते हुए इस शहर के माध्यम से पूरे देश को पर्यावरण संरक्षण का एक सकारात्मक और अनुकरणीय संदेश देना है, क्योंकि ऊर्जा की बचत ही हमें सुरक्षित पर्यावरण के साथ एक खुशहाल भविष्य प्रदान करेगी। इस रणनीतिक बैठक में भारत विकास परिषद भीलवाड़ा के समन्वयक श्यामलाल कुमावत, नगर निगम के सीएसई संजय खोखर, वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष मदनलाल खटोड़, परिषद के विनोद कोठारी, संस्थान की सचिव साधना मेलाना, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुरेश भदादा, राकेश तिवाड़ी, जिम्मी जैन, दीपा पेशवानी, भगवान जीनगर तथा राजेन्द्र काबरा आदि प्रबुद्धजनों ने भी उपस्थित रहकर इस दूरगामी अभियान को धरातल पर पूर्णतः सफल बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण और प्रभावी सुझाव साझा किए। यह अभियान भीलवाड़ा से उठकर देश में पर्यावरण चेतना की एक नई अलख जगाने का सामर्थ्य रखता है।

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