भीलवाड़ा: मकर संक्रांति पर यूनेस्को ने पेश की मानवता की मिसाल, मजदूर बस्तियों में बिखेरी खुशियों की चमक
भीलवाड़ा में मकर संक्रांति पर स्टेट फेडरेशन ऑफ यूनेस्को एसोसिएशन ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश की। स्टेट कॉर्डिनेटर गोपाल लाल माली के नेतृत्व में ईरास स्थित देवछाया विहार में 50 मजदूर परिवारों व बच्चों को गर्म वस्त्र, कंबल और मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाई गईं। यूनेस्को का यह प्रयास पिछड़े वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

भीलवाड़ा। आस्था और दान-पुण्य के महापर्व मकर संक्रांति पर वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में मानवता का एक ऐसा चेहरा सामने आया, जिसने समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने के संकल्प को जीवंत कर दिया। स्टेट फेडरेशन ऑफ यूनेस्को एसोसिएशन इन राजस्थान द्वारा इस वर्ष संक्रांति का उत्सव महलों या चकाचौंध के बीच नहीं, बल्कि पसीने से अपनी जीविका चलाने वाले उन मजदूरों के बीच मनाया गया, जो अक्सर विकास की दौड़ में पीछे छूट जाते हैं। ईरास स्थित देवछाया विहार कॉलोनी में जब यूनेस्को के प्रतिनिधि पहुंचे, तो वहां का माहौल उत्सव के उल्लास और आत्मीयता से सराबोर हो उठा।
स्टेट कॉर्डिनेटर गोपाल लाल माली के सानिध्य में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में यूनेस्को क्लब के सदस्यों ने एक नई परंपरा का सूत्रपात किया। आयोजन के दौरान दिन-भर कड़ी धूप और धूल में मेहनत करने वाले करीब 50 दिहाड़ी मजदूरों और उनके बच्चों को गचक व तिल के लड्डू वितरित कर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी गई। कड़ाके की ठंड को देखते हुए संस्था ने विशेष संवेदनशीलता का परिचय दिया और महिला श्रमिकों को गर्म वस्त्र एवं कंबल भेंट किए। लोहड़ी और मकर संक्रांति की शुभकामनाओं के साथ जब उपहारों का आदान-प्रदान हुआ, तो यह केवल दान की प्रक्रिया न रहकर एक परिवार के मिलन जैसा दृश्य बन गया।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए स्टेट कॉर्डिनेटर गोपाल लाल माली ने यूनेस्को के उद्देश्यों को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यूनेस्को की सर्वोच्च प्राथमिकता पिछड़े और मजदूर वर्ग को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना है। माली ने जोर देकर कहा कि कोई भी समाज तब तक विकसित या सभ्य नहीं कहला सकता, जब तक वह अपने निराश्रित और विकास की दृष्टि से पीछे छूटे हुए नागरिकों को साथ लेकर न चले। उन्होंने आह्वान किया कि जिस प्रकार हम अपने परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं, वैसे ही इन पर्वों की वास्तविक सार्थकता जरूरतमंदों के बीच खुशियां बांटने और दान-पुण्य के माध्यम से उन्हें यह अहसास कराने में है कि वे समाज का अभिन्न अंग हैं।
मानवीय सरोकारों से जुड़े इस पुनीत कार्य में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में जवाहर फाउण्डेशन के प्रभारी रजनीश वर्मा, जिला यूनेस्को एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित अग्रवाल, फैशन आईकॉन जया चौहान और प्रवक्ता मधु लोढा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनके साथ ही राजेश जीनगर, राजेश आचार्य, रामगोपाल आचार्य, वैभव जोशी, अनुराधा झा और मुकेश बुलिवाल सहित अनेक सदस्य इस सेवा कार्य के साक्षी बने। यह आयोजन केवल एक वितरण समारोह नहीं था, बल्कि एक सशक्त संदेश था कि त्योहारों की मिठास तभी संपूर्ण होती है जब वह समाज के हर तबके के जीवन में घुले। इस पहल ने भीलवाड़ा में सामाजिक समरसता की एक नई इबारत लिख दी है।

Pratahkal Bureau
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