जीवन की सार्थकता अंत समय में किए गए परोपकारी कार्यों में निहित होती है। भीलवाड़ा के बापू नगर निवासी स्वर्गीया श्रीमती यशोदा देवी तोषनीवाल ने अपने निधन के पश्चात अपनी परोपकारी विरासत को नेत्रदान के माध्यम से जीवित रखा है। स्वर्गीय पुरुषोत्तम जी तोषनीवाल की धर्मपत्नी यशोदा देवी का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। परिवार के इस कठिन और शोकपूर्ण समय में भी तोषनीवाल परिवार ने मानवता की सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मरणोपरांत नेत्रदान का निर्णय लिया। इस निर्णय से अब दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई दृष्टि और नई रोशनी का संचार संभव हो सकेगा।

इस मानवीय पहल को मूर्त रूप देने में स्वर्गीया यशोदा देवी के पुत्र गोपाल एवं अशोक तोषनीवाल के साथ ही उनके पौत्र मोहित, शुभम, अवनी और अक्षत तोषनीवाल ने पूर्ण सहमति प्रदान की। परिवार के इस साहसी और नेक निर्णय ने समाज के सामने संवेदनशीलता का एक नया अध्याय लिखा है। नेत्रदान की इस प्रक्रिया को संपन्न कराने में भारत विकास परिषद, वीर शिवाजी शाखा, भीलवाड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। परिषद के सह सचिव हरीश अग्रवाल के विशेष प्रयासों और प्रेरणा के चलते यह प्रक्रिया सफल हो सकी। इस अवसर पर शाखा अध्यक्ष कमलेश बोड़ाना एवं परिषद के अन्य सदस्यों ने परिवार को नेत्रदान के महत्व से अवगत कराया, जिसे परिवार ने सहर्ष स्वीकार किया।

नेत्रदान की प्रक्रिया को तकनीकी रूप से पूर्ण करने के लिए आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान, जयपुर (भीलवाड़ा चैप्टर) एवं लायंस आई बैंक की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। डॉ. प्रतिष्ठा छिपा के कुशल निर्देशन में आई बैंक सोसायटी के नेत्र सहायक चेतन भट्ट ने बापू नगर स्थित निवास पर पहुंचकर नेत्र उत्सर्जन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की। प्राप्त कॉर्निया को अत्यंत सुरक्षित तरीके से जयपुर भेजा गया है, जहाँ से प्रत्यारोपण के माध्यम से दो नेत्रहीन व्यक्तियों को पुनः दृष्टि प्राप्त होगी।

इस संवेदनशील अवसर पर भारत विकास परिषद के अध्यक्ष कमलेश बोड़ाना, सुभाष मोटवानी, अनुराग वोहरा और अमित पटवारी सहित परिषद के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और स्वर्गीया यशोदा देवी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। लायंस आई बैंक परिवार और परिषद के पदाधिकारियों ने तोषनीवाल परिवार के इस महादान की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'नेत्रदान ही महादान है' और ऐसे जागरूक निर्णयों से समाज के अनेक जरूरतमंदों के जीवन में आशा की किरण जगाई जा सकती है।

भारत विकास परिषद की वीर शिवाजी शाखा पिछले तीन माह में आठ सफल नेत्रदान करवा चुकी है। इस निरंतर जन-जागरूकता अभियान को गति देने के लिए सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है, जिसमें सोशल मीडिया प्रभारी रमन अग्रवाल, खुशबू अग्रवाल एवं पायल अग्रवाल द्वारा प्रतिदिन प्रेरणादायी पोस्ट साझा की जाती हैं। तोषनीवाल परिवार का यह कदम न केवल यशोदा देवी को एक यादगार विदाई देता है, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी परोपकार की राह पर चलने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

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