भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के लिए शनिवार का दिन अमंगलकारी सिद्ध हुआ, जहां अलग-अलग क्षेत्रों में घटित तीन हृदयविदारक घटनाओं ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। इन हादसों में कहीं ममता का साया उठ गया तो कहीं घरों के चिराग बुझ गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप दिया है।

सुभाषनगर थाना क्षेत्र के सांगानेर स्थित सुंदरनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 28 वर्षीय सोनू कुमारी पत्नी अशोक लोहार ने अज्ञात कारणों के चलते मौत को गले लगा लिया। घटना के समय सोनू घर पर अकेली थी; उसका पति अशोक टेंपो लेकर काम पर गया था और दोनों मासूम बच्चे स्कूल गए हुए थे। इसी सूनेपन का लाभ उठाकर महिला ने कमरे में पंखे के हुक से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। दोपहर में जब मासूम बच्चे स्कूल से शिक्षा ग्रहण कर घर लौटे, तो उन्हें मुख्य चैनल गेट पर ताला लटका मिला। बच्चों ने पास ही पत्थर के नीचे रखी चाबी से दरवाजा खोला, लेकिन भीतर का दृश्य देख उनकी रूह कांप गई और चीख निकल गई। फंदे से झूलती मां को देख बच्चों का विलाप सुन परिजन और पड़ोसी एकत्रित हो गए। सुभाषनगर थाने के एएसआई परसराम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। मृतका के पीहर पक्ष (कंकरोलिया घाटी) के सदस्यों की उपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और देह भाई शिवराज के सुपुर्द की गई। फिलहाल, आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस जांच में जुटी है।

वहीं, दूसरी ओर करेड़ा क्षेत्र में भी काल का क्रूर पंजा दो घरों तक जा पहुंचा। यहां घटित दो पृथक घटनाओं में एक युवक की जान सड़क हादसे ने ले ली, जबकि दूसरे युवक की मौत जहरीले जंतु के डंक मारने से हो गई। इन दोनों घटनाओं ने समूचे क्षेत्र को शोक संतप्त कर दिया है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण कर शव परिजनों को सौंप दिए हैं। एक ही दिन में हुई इन तीन मौतों ने जिले में सुरक्षा और मानसिक संबल जैसे विषयों पर गहरा जख्म छोड़ दिया है, जिससे प्रभावित परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

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