भीलवाड़ा। राजस्थान की वस्त्रनगरी के नाम से विख्यात भीलवाड़ा शहर एक बार फिर अपनी गौरवशाली औद्योगिक और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने पेश करने के लिए तैयार है। स्थानीय उद्योगों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और मेहनतकश बुनकरों के उत्पादों को वैश्विक क्षितिज पर नई पहचान दिलाने के संकल्प के साथ कल, यानी 21 जनवरी से शहर के 'ग्रामीण हाट' में 'भीलवाड़ा टेक्सटाइल एण्ड हैंडीक्राफ्ट मेला 2026' का भव्य आगाज होने जा रहा है। 'एक जिला-एक उत्पाद' (ODOP) की संकल्पना को साकार करता यह छह दिवसीय आयोजन न केवल व्यापार का केंद्र बनेगा, बल्कि स्थानीय कला और संस्कृति के संगम के रूप में भी उभरेगा।

मेले की तैयारियों ने अब अंतिम रूप ले लिया है। मंगलवार को जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त आयुक्त एवं महाप्रबंधक के.के. मीना ने आयोजन स्थल का सघन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इस मेले का मुख्य विजन भीलवाड़ा की टेक्सटाइल पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त करना और स्थानीय उद्यमियों व हस्तशिल्पियों को सीधे ग्राहकों से जोड़कर विपणन का एक मजबूत मंच प्रदान करना है। कल शाम 4:00 बजे आयोजित होने वाले भव्य उद्घाटन समारोह में विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रमुख औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शिरकत करेंगे।

इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ लगभग 65 आकर्षक स्टॉल लगाई जा रही हैं, जिनमें से विशेष तौर पर 14 स्टॉल 'एक जिला-एक उत्पाद' योजना के तहत टेक्सटाइल उत्पादों के लिए आरक्षित की गई हैं। मेले में केवल भीलवाड़ा ही नहीं, बल्कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए बुनकर, स्वयं सहायता समूह और हस्तशिल्पी अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। आगंतुकों के लिए यहाँ टेक्सटाइल उत्पादों के अलावा पारंपरिक हस्तशिल्प, कश्मीरी कालीन, आधुनिक रेडीमेड वस्त्र, लेदर उत्पाद, मारवाड़ी मोजड़ी, संगमरमर की कलाकृतियां और घरेलू सजावटी सामान उपलब्ध रहेगा। साथ ही, हर्बल उत्पाद, पारंपरिक आचार-मुरब्बा, पापड़ और किड्स वियर जैसे उत्पादों की भी भरमार होगी। तकनीक प्रेमियों के लिए यहाँ ई-व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रदर्शन भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

खरीदारी के उत्साह के साथ-साथ जिला प्रशासन ने मनोरंजन और बौद्धिक गतिविधियों का भी व्यापक खाका तैयार किया है। 21 जनवरी को रंगोली प्रतियोगिता से शुरू होने वाला यह सफर प्रतिदिन नए कार्यक्रमों से सजा होगा। 22 जनवरी को मेहंदी और गायन प्रतियोगिता के साथ टॉक शो का आयोजन होगा, जबकि 23 और 24 जनवरी को पेंटिंग, निबंध प्रतियोगिता और मांडलगढ़ नगर पालिका की ओर से राजस्थानी लोक गायन व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 25 जनवरी को क्विज प्रतियोगिता और गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शिक्षा विभाग के समन्वय से एक विशाल सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। 26 जनवरी को इस भव्य समागम का विधिवत समापन होगा। जिला प्रशासन ने शहरवासियों से इस महोत्सव में सहभागी बनकर स्थानीय कारीगरों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।

Pratahkal Newsroom

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