भीलवाड़ा: कोहरे का कहर और गौरक्षकों का साहस; दो अलग-अलग घटनाओं से थर्राया जिला
भीलवाड़ा में कोहरे के कारण शाहपुरा-जहाजपुर रोड पर दो ट्रकों की भीषण भिड़ंत, चालक भारत और फिरोज गंभीर घायल। वहीं दूसरी घटना में गौरक्षकों ने फिल्मी अंदाज में पीछा कर 37 नंदी तस्करों से मुक्त कराए। जहाजपुर और शाहपुरा पुलिस मामले की जांच में जुटी। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पिछले 24 घंटों के भीतर दो ऐसी घटनाएं सामने आईं जिन्होंने एक तरफ जहां कुदरत के कहर से लोगों को दहला दिया, वहीं दूसरी ओर गौरक्षकों की जांबाजी ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। सोमवार की सुबह जहां घने कोहरे की चादर मौत का जाल बनकर सडकों पर बिछी नजर आई, वहीं मंगलवार तड़के फिल्मी अंदाज में पीछा कर गौवंश को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया।
कोहरे के आगोश में समाई रफ्तार, दो ट्रक टकराए सोमवार की अलसुबह शाहपुरा-जहाजपुर मार्ग पर स्थित स्वस्ति धाम के पास दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई थी। इसी दौरान घने कोहरे के कारण दो भारी भरकम ट्रकों के बीच जोरदार आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रकों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और चालक केबिन में ही फंस गए। इस हादसे में उत्तर प्रदेश निवासी दोनों चालक, भारत पुत्र पप्पू सिंह और फिरोज पुत्र तारीख मोहम्मद गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही जहाजपुर थाना अधिकारी राजकुमार नायक अपनी टीम और एनएचएआई के दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला और एंबुलेंस से जहाजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें भीलवाड़ा रेफर कर दिया गया। पुलिस ने क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर घंटों की मशक्कत के बाद यातायात सुचारू करवाया।
फिल्मी स्टाइल में पीछा: गौरक्षकों ने तस्करों से छीने 37 नंदी अभी कोहरे का खौफ थमा भी नहीं था कि मंगलवार तड़के केकड़ी-शाहपुरा मार्ग पर गौरक्षकों और तस्करों के बीच रोंगटे खड़े कर देने वाला मुकाबला देखने को मिला। गौरक्षकों को गुप्त सूचना मिली थी कि एक कंटेनर में क्रूरतापूर्वक गौवंश को भरकर ले जाया जा रहा है। जब गौरक्षकों ने कंटेनर को रुकवाने का प्रयास किया, तो तस्करों ने रफ्तार बढ़ा दी। कई किलोमीटर तक चले इस रोमांचक और खतरनाक पीछा करने के दौर के बाद आखिरकार रहड़ क्षेत्र के पास कंटेनर को घेर लिया गया। खुद को फंसता देख तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। शाहपुरा थाने के हेड कांस्टेबल श्यामलाल ने बताया कि कंटेनर की तलाशी लेने पर उसमें 37 नंदी ठूंस-ठूंस कर भरे पाए गए, जिन्हें सुरक्षित बचाकर वीर तेजा गौशाला, कनेछन भिजवाया गया। जांच में सामने आया कि ये नंदी केकड़ी के कादेड़ा से मध्यप्रदेश के कत्लखानों के लिए ले जाए जा रहे थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
ये दोनों ही घटनाएं भीलवाड़ा क्षेत्र में सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। जहां एक ओर मौसम की मार ने जिंदगियों को खतरे में डाला, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सजगता ने बेजुबानों की जान बचाई।

Pratahkal Bureau
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