भीलवाड़ा: 'गिव अप' अभियान में जिले का ऐतिहासिक परचम, अपात्रों के त्याग से खुले पात्रों की खुशहाली के द्वार
भीलवाड़ा जिले ने 'गिव अप अभियान' में रचा इतिहास! 2.37 लाख से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से छोड़ी एनएफएसए राशन योजना, जिससे 2.55 लाख नए पात्र लाभार्थियों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ। जिला रसद अधिकारी अमरेन्द्र कुमार मिश्र ने दी 28 फरवरी 2026 तक की समयसीमा। अपात्रों से होगी 30.57 रुपये प्रति किलो की दर से वसूली। सामाजिक जिम्मेदारी की इस बड़ी खबर को विस्तार से पढ़ें।

भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा ने सामाजिक ईमानदारी और प्रशासनिक कुशलता की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित ‘गिव अप अभियान’ के तहत भीलवाड़ा जिला लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है। जिले में अब तक 2 लाख 37 हजार 926 लोगों ने स्वेच्छा से सरकारी राशन के लाभ का परित्याग कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह आंकड़ा न केवल प्रशासनिक सफलता को दर्शाता है, बल्कि समाज के संपन्न वर्ग द्वारा निभाई गई उनकी नैतिक जिम्मेदारी की भी पुष्टि करता है। इस अभियान की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ई-केवाईसी और अन्य तकनीकी माध्यमों से अपात्रों की छंटनी के बाद कुल 3 लाख 14 हजार 079 लोग एनएफएसए सूची से बाहर हुए हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों के लिए राह आसान हुई है।
इस मुहिम के तहत हुई व्यापक कटौती का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि जिले के 2 लाख 55 हजार 317 पात्र लेकिन अब तक वंचित रहे लोगों को एनएफएसए योजना से जोड़ने में बड़ी सफलता मिली है। जिला रसद अधिकारी अमरेन्द्र कुमार मिश्र ने बताया कि ‘गिव अप’ योजना के अंतर्गत चार पहिया वाहन स्वामियों, सरकारी कर्मचारियों, आयकर दाताओं और एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले नागरिकों ने स्वतः आगे आकर लाभ का त्याग किया है। इन अपात्र लोगों के हटने से न केवल खाद्यान्न की बचत होगी, बल्कि गैस, बीमा और चिकित्सा सब्सिडी के रूप में सरकार पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार भी कम होगा, जिसका सीधा लाभ अब उन नए लाभार्थियों को मिलेगा जो वास्तव में इन योजनाओं के हकदार हैं।
अभियान की पारदर्शिता को और अधिक पुख्ता करने के लिए विभाग अब उन परिवारों की सघन जांच कर रहा है जिन्होंने एमएसपी पर 100 क्विंटल से अधिक गेहूं की बिक्री की है। अमरेन्द्र कुमार मिश्र के अनुसार, इस अभियान को सफल बनाने में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और मीडिया जगत ने सेतु का कार्य किया है। राशन डीलरों और विभागीय कार्मिकों की सक्रियता ने इस जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाया है। हालांकि, प्रशासन ने उन लोगों को सख्त चेतावनी भी दी है जो अपात्र होने के बावजूद सरकारी लाभ ले रहे हैं। वर्तमान में यह स्वैच्छिक त्याग की योजना 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी है। यदि इसके बाद भी कोई अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ लेता पाया गया, तो 1 मार्च 2026 से उनसे 30 रुपये 57 पैसे प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न की वसूली की जाएगी। भीलवाड़ा की यह उपलब्धि राज्य के अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणा पुंज बनकर उभरी है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
