लवाड़ा: टेन्ट अग्निशमन NOC के स्थान पर जवाबदेही तय करने की मांग
उपभोक्ता अधिकार समिति ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन। समिति ने दुर्घटना होने पर आयोजकों और टेन्ट संचालकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

भीलवाड़ा। सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। उपभोक्ता अधिकार समिति, राजस्थान ने भीलवाड़ा में टेन्ट और शामियानों की अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक वैकल्पिक मॉडल की पैरवी की है। समिति ने जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की पारंपरिक व्यवस्था के स्थान पर 'जागरूकता और जवाबदेही' के मॉडल को अपनाने का आग्रह किया है।
समिति के केन्द्रीय मानवाधिकार अध्यक्ष डॉ. अशोक सोडाणी ने प्रशासनिक भ्रष्टाचार और व्यावहारिक चुनौतियों की ओर इशारा करते हुए स्पष्ट किया कि केवल NOC की अनिवार्यता से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम संभव नहीं हैं। उन्होंने तर्क दिया कि NOC की प्रक्रिया अक्सर सुविधा शुल्क और रिश्वतखोरी का जरिया बन जाती है, जबकि वास्तविक सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी बनी रहती है। समिति का मानना है कि यदि आयोजकों पर सीधे कानूनी जिम्मेदारी तय कर दी जाए, तो सुरक्षा के प्रति गंभीरता स्वयं ही बढ़ जाएगी।
प्रशासन के समक्ष रखी गई अपनी मांगों में समिति ने स्पष्ट किया है कि टेन्ट संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक आयोजन के दौरान आयोजकों से एक शपथ-पत्र लिया जाना चाहिए, जिसमें वे सुरक्षा संबंधी सभी जोखिमों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी स्वीकार करें। समिति की सबसे कड़ी मांग यह है कि यदि किसी भी कार्यक्रम में आगजनी की दुर्घटना घटित होती है, तो उसमें आयोजनकर्ता, टेन्ट संचालक, विद्युत मिस्त्री और संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 106, 125(ए) और 125(बी) के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए। साथ ही, पीड़ितों को देय मुआवजा राशि भी इन्हीं पक्षों से वसूलने का प्रावधान होना चाहिए।
समिति के पदाधिकारियों का मत है कि कानून का भय ही सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित कर सकता है। जब संबंधित पक्षों को यह अहसास होगा कि सुरक्षा चूक की स्थिति में उन्हें न केवल कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, बल्कि जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है, तो वे स्वतः ही अग्नि शमन उपकरणों (फायर एक्सटिंग्विशर) की व्यवस्था करेंगे। यह ज्ञापन सौंपते समय केन्द्रीय महासचिव एडवोकेट प्रहलाद राय व्यास, केन्द्रीय अध्यक्ष सुनील राठी, डॉ. अशोक सोडाणी, केन्द्रीय महिला अध्यक्ष मधु जाजू और भीलवाड़ा जिला युवा अध्यक्ष अंकित सोमानी सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। यह पहल प्रशासन की कार्यप्रणाली और आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था में एक निर्णायक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

Anshul Toshniwal, Bhilwara
नाम: अंशुल तोषनीवाल
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कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा जिला (राजस्थान)
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परिचय
अंशुल तोषनीवाल भीलवाड़ा जिले से न्यूज़ वेबसाइट के लिए रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह भीलवाड़ा जिले और उसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की स्थानीय घटनाओं, प्रशासनिक गतिविधियों, क्राइम, राजनीति और जनहित से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
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अंशुल तोषनीवाल शैक्षणिक रूप से इंजीनियर (Engineer) हैं। उनकी तकनीकी और विश्लेषणात्मक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों को सटीकता से समझने और प्रस्तुत करने में मदद करती है।
