सुवाणा कस्बे में तीन स्थानों पर स्पीड ब्रेकर न होने से बढ़ रहे सड़क हादसे, ग्रामीणों ने प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी।

भीलवाड़ा जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित सुवाणा कस्बे में सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति ने आमजन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कस्बे के तीन प्रमुख स्थानों को 'ब्लैक स्पॉट' के रूप में चिन्हित किया गया है, जहाँ गति अवरोधकों (स्पीड ब्रेकर) का अभाव आए दिन भीषण सड़क हादसों को निमंत्रण दे रहा है। जिला प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग की कथित उदासीनता के चलते ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

स्थानीय निवासी संजय तिवाड़ी ने इन खतरनाक स्थलों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सदर थाने के निकट स्थित बरगद के पेड़ के समीप एक अत्यंत जोखिम भरा और घुमावदार 'अंधा मोड़' है। यहाँ विजिबिलिटी की कमी के कारण सामने से आने वाले वाहन चालकों को विपरीत दिशा से आते वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे अनियंत्रित होकर अक्सर दुर्घटनाएं घटित होती हैं। इसके अतिरिक्त, सुवाणा बस स्टैंड और इसके ठीक सामने स्थित पंचायत समिति कार्यालय वाला चौराहा अत्यंत व्यस्त रहता है। यहाँ दिनभर ग्रामीणों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की आवाजाही बनी रहती है। अत्यधिक ट्रैफिक दबाव के बीच वाहनों की अनियंत्रित गति के कारण पैदल राहगीरों के लिए यहाँ से गुजरना भी जानलेवा साबित हो रहा है।

तीसरा संवेदनशील क्षेत्र सुवाणा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर का है। नियमतः चिकित्सालय के बाहर का क्षेत्र 'साइलेंस जोन' और पूर्णतः सुरक्षित होना चाहिए, परंतु यहाँ के हालात अत्यंत चिंताजनक हैं। अस्पताल पहुंचने वाले बीमार बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सड़क पार करते समय हर क्षण दुर्घटना का भय सताता रहता है, क्योंकि वाहन चालक यहाँ अपनी गति कम करने को तैयार नहीं हैं।

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का आरोप है कि इन तीनों मुख्य बिंदुओं पर नियमित अंतराल से दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही गति अवरोधक बनाने की दिशा में कोई ठोस पहल की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग ने समय रहते इन तीन ब्लैक स्पॉट पर मजबूत स्पीड ब्रेकर नहीं बनवाए, तो किसी भी बड़े हादसे की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। समाधान में देरी होने की स्थिति में ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने और चक्का जाम करने का स्पष्ट निर्णय लिया है।

Pratahkal Newsroom

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