एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भीलवाड़ा जिले के मांडल थाना क्षेत्र में चलाए गए हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन “सद्भावना” के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक द्वारा घोषित 25 हजार रुपये के इनामी और कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर मोहनराम को उसके साथी महेन्द्र के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 2 अवैध अत्याधुनिक पिस्टल, 7 जिंदा कारतूस, 2 मैगजीन, एक क्रेटा कार और 14 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

कार्रवाई के दौरान एएनटीएफ टीम ने पहली बार आधुनिक ‘स्टॉप स्टिक’ यानी टायर बस्टर तकनीक का इस्तेमाल कर तस्करों की भागने की कोशिश को नाकाम कर दिया। जानकारी के अनुसार धुंवाला बस स्टैंड के पास आसींद की ओर से आ रही काले रंग की क्रेटा कार को टीम ने रुकने का संकेत दिया, लेकिन तस्करों को पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही उन्होंने वाहन की गति बढ़ाकर नाकाबंदी तोड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान मुस्तैद टीम ने सड़क पर स्टॉप स्टिक डाल दी, जिससे कार के टायर तुरंत ब्लास्ट हो गए और वाहन कुछ दूरी बाद रुक गया।

टायर फटते ही दोनों आरोपी कार छोड़कर भागने लगे, लेकिन सादा वस्त्रों में तैनात एएनटीएफ टीम ने तेज कार्रवाई करते हुए इनामी तस्कर मोहनराम और उसके साथी को मौके पर ही दबोच लिया। इसके बाद स्थानीय मांडल थाना पुलिस को मौके पर बुलाया गया और वाहन सहित आरोपियों की गहन तलाशी ली गई। पुलिस के अनुसार घेराबंदी इतनी सटीक थी कि आरोपी हथियार निकालने का प्रयास भी नहीं कर सके।

गिरफ्तार मुख्य आरोपी मोहनराम पुत्र रामेश्वर लाल जाट (33) निवासी भादवासी, थाना डेगाना, जिला नागौर का रहने वाला है। वह 12वीं तक शिक्षित है और पहले खेती करता था। खेती में कम आमदनी होने के कारण उसने अपने साथियों को तस्करी के जरिए महंगी गाड़ियों में घूमते देखा और बाद में स्वयं भी इस अवैध कारोबार में उतर गया। करीब छह वर्ष पहले चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी थाना क्षेत्र में उसकी गाड़ी पकड़ी गई थी, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में मादक पदार्थों की बड़ी खेप सप्लाई कर लंबे समय से सक्रिय था।

पूछताछ में सामने आया कि मोहनराम ने पुलिस कार्रवाई से बचने और पकड़े जाने की स्थिति में पुलिस टीम पर फायरिंग कर भाग निकलने के उद्देश्य से मणिपुर से अत्याधुनिक पिस्टल खरीदी थीं। उसने अपनी सुरक्षा और तस्करी नेटवर्क में सहयोग के लिए सांचौर, जिला जालौर के धमाणा का गालिया निवासी महेंद्र पुत्र मंगलाराम बिश्नोई (25) को अपने साथ हेल्पर के रूप में रखा हुआ था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 अवैध पिस्टल, 7 कारतूस, 2 मैगजीन, 14 लाख रुपये नकद और क्रेटा कार जब्त कर ली है। मांडल थाना पुलिस ने अवैध हथियार और मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े प्रकरण में मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस दोनों से नेटवर्क, सप्लाई चैन और अन्य सहयोगियों को लेकर कड़ी पूछताछ कर रही है। ऑपरेशन “सद्भावना” को एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस की समन्वित कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जिसने लंबे समय से फरार चल रहे तस्कर को पकड़कर बड़े नेटवर्क के खुलासे की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।

Pratahkal Bureau

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