भीलवाड़ा। जिला विशेष शाखा (डीएसबी) की मुस्तैद टीम ने पंडेर-कोटड़ी मार्ग पर मुस्तैदी दिखाते हुए एक बहुत बड़ी लापरवाही को उजागर करने के साथ ही लाखों रुपये की संपत्ति को चोरी होने और बड़े हादसे का शिकार होने से बचा लिया। मुख्यमंत्री की ड्यूटी से लौट रही पुलिस टीम की नजर सड़क के बीचों-बीच लावारिस पड़ी 946 किलो वजनी चांदी की सिल्ली पर पड़ी, जिसकी कीमत करीब 90 लाख रुपए आंकी जा रही है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल यातायात सुचारू रहा, बल्कि हिंदुस्तान जिंक की इस बेशकीमती धातु को सुरक्षित उसके वाहन तक पहुंचाया गया।

जानकारी के अनुसार, जिला विशेष शाखा (डीएसबी) के एएसआई देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम टोंक जिले के बीसलपुर बांध में आयोजित 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की वीआईपी ड्यूटी देकर भीलवाड़ा लौट रही थी। सोमवार दोपहर करीब 2:20 बजे जब टीम पंडेर-कोटड़ी मार्ग पर आरआर ईंट उद्योग (सुभाषनगर) के पास पहुंची, तो कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह की तेज नजरों ने सड़क के बीचों-बीच पड़ी एक बेहद चमकीली और भारी धातु को भांप लिया। पास जाकर देखा तो पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए; वहां करीब 946 किलो वजनी चांदी की विशालकाय सिल्ली लावारिस हालत में पड़ी हुई थी। इस सिल्ली पर 3.75 प्रतिशत शुद्धता अंकित थी। इतनी भारी-भरकम सिल्ली के सड़क पर पड़े होने से किसी भी वक्त कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता था, साथ ही इसके चोरी होने का भी पूरा अंदेसा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसआई देवेंद्र सिंह ने तुरंत एक्शन लिया और टीम को दो हिस्सों में बांटकर चक्रव्यूह रचा। एक टीम को सिल्ली की सुरक्षा और निगरानी में तैनात किया गया, जबकि दूसरी टीम संदिग्ध और संबंधित वाहन की तलाश में हाईवे पर सरपट दौड़ पड़ी। पुलिस की मुस्तैदी रंग लाई और कुछ ही दूरी पर एक भारी मालवाहक वाहन को रोककर जांच की गई। वाहन चालक कालूराम पुत्र कृष्ण गोपाल कुमावत (निवासी संताली, थाना सावर, जिला अजमेर) से जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो सच सामने आ गया। चालक ने बताया कि वह हिंदुस्तान जिंक माइंस रुद्रपुर से गुजरात की तरफ धातु लेकर जा रहा था। पुलिस की जांच में साफ हुआ कि उसी के वाहन से यह विशालकाय चांदी की सिल्ली सड़क पर काल बनकर गिर गई थी और बेखबर ड्राइवर को इसकी भनक तक नहीं थी। सिल्ली पर हिंदुस्तान जिंक का आधिकारिक स्टिकर भी चस्पा मिला।

सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस टीम चालक को वापस घटनास्थल पर लेकर आई। सिल्ली इतनी भारी थी कि उसे उठाना मुमकिन नहीं था, इसलिए तुरंत जेसीबी मशीन को मौके पर बुलवाया गया। जेसीबी की मदद से बेहद सावधानीपूर्वक चांदी की सिल्ली को दोबारा सुरक्षित वाहन में रखवाया गया और चालक को कड़ी हिदायत देकर रवाना किया गया। इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे और कार्रवाई के दौरान पुलिस ने हाईवे पर यातायात को रत्ती भर भी बाधित नहीं होने दिया। इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह, भगवती लाल, योगेंद्र सिंह, धर्मेंद्र जाट और गोविंद लाल शामिल थे, जिनकी अब चौतरफा सराहना हो रही है।

Pratahkal Newsroom

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