भीलवाड़ा: श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन स्वामी अशोकानंद जी ने दिए प्रवचन
पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित संगीतमय कथा में स्वामी अशोकानंद जी ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का महत्व समझाया।

भीलवाड़ा के हरि शेवा उदासीन आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन स्वामी अशोकानंद जी महाराज श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए।
भीलवाड़ा, 2 जून। सनातन सेवा समिति एवं हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर द्वारा महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज के सानिध्य में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर धर्ममय वातावरण छा गया। कथाव्यास पूज्य स्वामी अशोकानंद जी महाराज (जबलपुर) ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु परमात्मा का प्रतिनिधि स्वरूप हैं और उनसे प्राप्त ज्ञान रूपी अमृत की प्राप्ति साधक की पात्रता पर निर्भर करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का वास्तविक लाभ तभी प्राप्त होता है जब हृदय रूपी पात्र स्वच्छ और निर्मल हो। जिस प्रकार स्वच्छ मंदिर में ही भगवान का वास होता है, उसी प्रकार मन रूपी मंदिर को पवित्र रखना आवश्यक है, तभी कथा श्रवण का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
स्वामी अशोकानंद जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य का संदेश दिया। उन्होंने मधुर भजनों और संगीतमय प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण मात्र एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को परमात्मा की ओर ले जाने वाला दिव्य मार्ग है। भागवत महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कलियुग में ईश्वर के नाम का स्मरण और श्रीमद्भागवत का श्रवण जीव के कल्याण का सबसे सरल एवं श्रेष्ठ साधन है। महाराज ने राजा परीक्षित और शुकदेव जी महाराज के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि जब परीक्षित को अपने जीवन के अंतिम सात दिनों का बोध हुआ, तब उन्होंने सांसारिक मोह-माया का त्याग कर कथा का आश्रय लिया, जिससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित किया कि मनुष्य को अपने जीवन का प्रत्येक क्षण ईश्वर भक्ति, सत्संग और सद्कर्मों में समर्पित करना चाहिए, क्योंकि भगवान की कथा मन को शुद्ध कर जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है।
कथा के दौरान भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और संपूर्ण पांडाल भक्ति के रंग में सराबोर हो गया। भजन, कीर्तन एवं जयघोष से वातावरण पूरी तरह धर्ममय रहा। आरती के पश्चात प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत विष्णु यज्ञ में नेहरू लाल जाट और सुशीला जाट ने आहुतियाँ दीं, साथ ही महादेव का रुद्राभिषेक भी संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि पुरुषोत्तम माह महोत्सव के तहत आश्रम में प्रतिदिन विष्णु यज्ञ, रुद्राभिषेक, संकीर्तन, गंगा आरती एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान पूरी श्रद्धा के साथ आयोजित किए जा रहे हैं। आश्रम के संत मायाराम और संत गोविन्दराम ने सनातन धर्म के श्रद्धालुओं से भीलवाड़ा में प्रवाहित इस धर्मगंगा की त्रिवेणी का लाभ लेने का विनम्र आग्रह किया है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
