भीलवाड़ा: महेश वाटिका में श्रीमद्भागवत कथा का पंचम दिवस, नंदोत्सव पर झूमे भक्त
भीलवाड़ा में पूरणमल-सम्पत देवी रांदड़ परिवार द्वारा आयोजित कथा में कृपारामजी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया।

भीलवाड़ा के महेश वाटिका में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान नंदोत्सव प्रसंग पर श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते हुए।
भीलवाड़ा, 6 जून। पूरणमल-सम्पत देवी रांदड़ परिवार के तत्वावधान में महेश वाटिका में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का पंचम दिवस भक्ति और आनंद के अद्भुत संगम का साक्षी बना। कथा व्यास श्रद्धेय कृपारामजी महाराज (जोधपुर) ने भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी बाल लीलाओं का संगीतमय और भावपूर्ण वर्णन कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के आरंभ में भजनों की मधुर स्वर लहरियों ने पूरे परिसर को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।
कथा के पांचवें दिन मुख्य आकर्षण का केंद्र 'नंदोत्सव' का प्रसंग रहा। कृपारामजी महाराज ने प्रसंग का विस्तार करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण से ब्रजभूमि आनंद और उल्लास से भर उठी थी। उन्होंने बताया कि नंद बाबा के घर कान्हा के आगमन पर गोकुल में बधाइयों और मंगल गीतों का जो वातावरण निर्मित हुआ, वह आज भी भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस दौरान पूरा पंडाल "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते नजर आए।
बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन करते हुए महाराज ने कहा कि भगवान कृष्ण की चंचल अदाएं केवल बाल सुलभ चेष्टाएं नहीं, अपितु भक्तों के हृदय रूपी माखन को चुराने का दिव्य संदेश हैं। "मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो" भजन के माध्यम से उन्होंने बालकृष्ण की लीलाओं को जीवंत कर दिया। साथ ही, पूतना वध और शकटासुर उद्धार जैसे प्रसंगों के माध्यम से यह संदेश दिया कि ईश्वर भक्तों की रक्षा और अधर्म के विनाश के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रीमद्भागवत मात्र एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर प्रशस्त करने वाली एक दिव्य प्रेरणा है।
कार्यक्रम के दौरान "यशोदा ने माखन खिलायो रे", "राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी" एवं "गोविन्द बोलो हरि गोपाल बोलो" जैसे भजनों पर युवा, महिलाएँ और वरिष्ठ श्रद्धालु भक्ति के रस में डूब गए। आयोजन समिति के जगदीश सोनी, पियूष सोनी एवं खुशाल रांदड़ ने जानकारी दी कि यह महोत्सव सोमवार, 8 जून तक प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक महेश वाटिका में जारी रहेगा। समिति ने अधिक से अधिक धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से इस पुण्यमयी कथा का श्रवण कर लाभान्वित होने की अपील की है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
