भीलवाड़ा: श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण जन्मोत्सव और नंदोत्सव की धूम
भीलवाड़ा के अग्रवाल उत्सव भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन संत दिग्विजय रामजी महाराज के सानिध्य में कृष्ण जन्म और नंदोत्सव मनाया गया।

भीलवाड़ा के रोडवेज बस स्टैंड स्थित अग्रवाल उत्सव भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान झूमते श्रद्धालु और उपस्थित संतगण।
भीलवाड़ा, 5 फरवरी। बधाई हो बधाई के साथ हर तरफ गूंज "नंद के आनंद भैयो जय कन्हैयालाल की" हो रही थी। "नंदजी के अंगना में बज रही आज बधाई", "सजा दो घर को गुलशन सा" जैसे गीतों पर सैकड़ो भक्तगण एक साथ खुशी से झूम रहे थे। बच्चा हो या बुजुर्ग, महिला हो या पुरुष, हर श्रद्धालु खुशी के सागर में डुबकी लगाने को उतारू था; कोई अपनी खुशी जताने से पीछे नहीं रहना चाहता था। हर चेहरे पर उल्लास छाया हुआ था और सभी तारणहार कृष्ण जन्म की खुशी में डूबे हुए थे।
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान सप्ताह: चतुर्थ दिवस
ये नजारा गुरुवार शाम शहर के रोडवेज बस स्टैंड के पास अग्रवाल उत्सव भवन में स्व. श्रीमती गीतादेवी तोषनीवाल चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के चौथे दिन साकार हुआ। रामद्वारा चित्तौड़गढ़ के रामस्नेही संत ओजस्वी प्रखर वक्ता श्री दिग्विजय रामजी महाराज के सानिध्य में श्री कृष्ण जन्म नंदोत्सव प्रसंग का वाचन किया गया।
- कथा में श्री कृष्ण जन्म नंदोत्सव प्रसंग एवं प्रहलाद चारित्र प्रसंग का वाचन किया गया।
- श्री कृष्ण जन्मोत्सव के पावन प्रसंग के अवसर पर पांडाल में विशेष सजावट की गई थी।
- कथा के दौरान कृष्ण जन्म का प्रसंग आने पर वासुदेव एवं नन्हें कृष्ण की सजीव झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
- हिरण्यकश्यप वध प्रसंग के दौरान नृसिंह भगवान, भक्त प्रहलाद और राजा हिरण्यकश्यप की सजीव झांकी भी सजाई गई।
संत दिग्विजयरामजी महाराज के अनमोल विचार
कथा में संत दिग्विजयरामजी महाराज ने कहा कि मानव देह मिलना दुर्लभ है और उसमें सत्संग भाग्यशाली को ही मिलता है। सत्संग जैसा आनंद दुनिया में कहीं नहीं मिल सकता। उन्होंने जीवन दर्शन पर महत्वपूर्ण सूत्र दिए:
"घर को स्वर्ग बनाना है तो दिमाग में बर्फ की और जुबान में शुगर की फैक्ट्री डाल दो।"
"जीवन में हमेशा दिमाग ठंडा, जेब गरम, जुबान नरम और आंखों में रहम रहे तो जीते जी स्वर्ग का अनुभव हो जाएगा।"
"सुखी जीवन के लिए भोजन लिमिटेड और भजन अनलिमिटेड होना चाहिए पर हकीकत के धरातल पर विपरीत हो रहा है।"
प्रहलाद चरित्र पर उन्होंने कहा कि भगवान तो सृष्टि के कण-कण में व्याप्त हैं और आपकी भक्ति सच्ची है तो खंभे से भी प्रकट हो सकते हैं। हरिनाम कीर्तन करने वाले भक्त के जीवन की रक्षा प्रभु करते हैं। संतश्री ने आगे कहा:
- "संसार में रहकर जो जहर के घूंट पीना सीख जाता है वह महादेव बन जाता है।"
- "मरने के लिए एक बार पर जीने के लिए कई बार जहर के घूंट पीने पड़ते हैं।"
- "जब जीवन में राम आएंगे तब आराम आएगा।"
- "जैसी हमारी मति होगी वैसी ही हमारी गति होगी।"
"जीवन में माता पिता खुश नहीं है तो कितना भी धर्माचारण कर लो जीवन सार्थक नहीं हो सकता।"
संतों का सानिध्य और अभिनंदन
श्रीमद् भागवत कथा श्रवण के दौरान प्रतिदिन सनातन धर्म की विभिन्न परंपराओं के संत महात्माओं के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। चौथे दिन मंच पर निम्नलिखित संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ:
- महंत गोपालदास महाराज (सांगानेर, भीलवाड़ा)
- महंत बनवारीशरण काठियाबाबा (हनुमान टेकरी)
- महंत संतदासजी महाराज (हाथीभाटा आश्रम)
- महंत मोहनशरण शास्त्री (निम्बार्क आश्रम)
- संत चेतनरामजी महाराज (रेण पीठ, रामस्नेही सम्प्रदाय)
- निर्मलरामजी महाराज (शाहपुरा पीठ)
- संत रामविश्वास महाराज
- संत चेतनराम महाराज (दादू पंथ सम्प्रदाय)
- संत रामझुलनदास
- महंत जमनादास महाराज (पंचमुखी बालाजी रीको, भीलवाड़ा)
- पुजारी मुरारी पांडे
संतों ने व्यास पीठ पर विराजित संत दिग्विजयरामजी महाराज का अभिनंदन किया। तोषनीवाल परिवार, अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के पूर्व अध्यक्ष एवं उद्योगपति रामपाल सोनी तथा समाजसेवी श्रीगोपाल राठी ने भी महाराज श्री का अभिनंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। चौथे दिन की कथा विश्राम पर व्यास पीठ की आरती तोषनीवाल परिवार के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने की। मंच संचालन पंडित अशोक व्यास ने किया।
भजनों की रसधारा में झूमते श्रद्धालु
भागवत कथा के दौरान भजनों की रसधारा पांडाल में प्रवाहित होती रही। व्यास पीठ से भजन प्रारंभ होते ही श्रद्धालु दोनों हाथ ऊपर उठा झूमने लगते। कथा के दौरान इन भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सरोबोर किया:
- "ओ धुंधरू छमछम बाजे हरि से मिलने मीरा नाचे"
- "श्रीमद नारायण भज मन नारायण"
- "जाको राखे साईयां मार सके न कोई"
- "थारी काया को गुलाबी रंग उड़ जासी"
- "जब कोई न हो अपना सियाराम जपा करना"
आगामी कार्यक्रम: कथा में पांचवें दिन शुक्रवार को श्रीकृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा प्रसंग का वाचन एवं छप्पन भोग का आयोजन होगा।

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