भीलवाड़ा: संजय कॉलोनी के चारभुजा मंदिर में भव्य कलश यात्रा के साथ 26वां पाटोत्सव एवं भागवत कथा का आगाज
भीलवाड़ा की संजय कॉलोनी में चारभुजा मंदिर के 26वें पाटोत्सव और श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आगाज हुआ। मेवाड़ी संस्कृति में रची-बसी कलश यात्रा और शंखनाद ने भक्तों को भक्ति के सागर में डुबो दिया। जानें क्या है इस आध्यात्मिक आयोजन की खास बातें।

भीलवाड़ा की संजय कॉलोनी में आयोजित 26वीं श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर शोभायात्रा निकाली।
भीलवाड़ा। संजय कॉलोनी स्थित चारभुजा मंदिर में आज भक्ति का महाकुंभ उस समय परवान चढ़ गया जब 26वें श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ एवं पाटोत्सव के उपलक्ष्य में एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सुबह 7:30 बजे जैसे ही मंदिर परिसर से मंगल कलशों के साथ शोभायात्रा ने प्रस्थान किया, समूचा क्षेत्र ‘जय श्री कृष्ण’ और ‘चारभुजा नाथ की जय’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। यह आयोजन श्री चारभुजा मंदिर सेवा समिति एवं महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हो रहा है।
कलश यात्रा में मेवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक स्पष्ट दिखाई दी। शोभायात्रा में शामिल पुरुष जहां पारंपरिक श्वेत वस्त्रों के साथ मेवाड़ी पगड़ी में सुसज्जित थे, वहीं महिला मंडल की सदस्याएं लाल चुनरी की साड़ियों में सिर पर मंगल कलश धारण किए अत्यंत अनुशासनबद्ध होकर चल रही थीं। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक बैंड-बाजों की स्वरलहरियों के बीच श्रद्धालु पूरी यात्रा के दौरान भक्ति के रंग में सराबोर होकर झूमते-नाचते नजर आए।
इस आध्यात्मिक शोभायात्रा के मुख्य आकर्षण कथावाचक आचार्य शक्ति देव महाराज रहे, जो एक भव्य रूप से सुसज्जित बग्गी में विराजमान होकर भक्तों को आशीर्वाद प्रदान कर रहे थे। भागवत ग्रंथ एवं मुख्य कलश की अगवानी का सौभाग्य राम राय गट्टानी एवं आशा देवी गट्टानी परिवार को प्राप्त हुआ, जिन्होंने विधि-विधान से पूजन कर यात्रा का शुभारंभ किया। शोभायात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर महेश मार्ग, नेहरू रोड और महावीर मार्ग जैसे प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। मार्ग के विभिन्न स्थानों पर धर्मप्रेमी जनता ने पलक-पावड़े बिछाकर शोभायात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। महेश मार्ग चौराहे पर 'गोल्ड बीसी ग्रुप' द्वारा पुष्पवर्षा की गई, जबकि भीषण गर्मी को देखते हुए भदादा परिवार, विनोद कोगटा परिवार एवं सेवा समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय एवं ठंडे पानी की व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं।
शोभायात्रा के कथा स्थल पर पहुंचने के उपरांत भागवत जी की प्रथम आरती उतारी गई, जिसमें ओमप्रकाश गट्टानी एवं प्रेम बाई गट्टानी परिवार सम्मिलित हुआ। समिति के अध्यक्ष जगदीश चंद्र देवपुरा और मंत्री अरविंद जैन ने बताया कि पाटोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन शाम 7 से रात्रि 10 बजे तक आचार्य शक्ति देव महाराज द्वारा भागवत कथा महात्म्य पर अमृत वर्षा की जाएगी। साथ ही, शनिवार सुबह 8 बजे से सुख-समृद्धि की कामना हेतु नित्य यज्ञ एवं हवन अनुष्ठान आरंभ होंगे। महोत्सव की सफलता सुनिश्चित करने के लिए गणपत खारीवाल, नरेंद्र तातेड़ सहित सेवादारों की एक बड़ी टीम निरंतर व्यवस्थाओं के प्रबंधन में सक्रिय है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को भी एक नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।

