भीलवाड़ा में 24 घंटे दुकानें खोलने की छूट, नियम तोड़े तो श्रम विभाग और पुलिस करेगी सख्त कार्रवाई
भीलवाड़ा में 24 घंटे दुकानें खोलने की छूट पर श्रम विभाग और पुलिस की सख्त चेतावनी। कर्मचारियों के अधिकार और महिला सुरक्षा के नियम तोड़े तो होगी कड़ी कार्रवाई।

तस्वीर में उप श्रम आयुक्त कार्यालय भीलवाड़ा में श्रम विभाग अधिकारियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच आयोजित बैठक में नियमों पर चर्चा होती दिख रही है।
भीलवाड़ा में राजस्थान सरकार की चौबीसों घंटे और सप्ताह के सातों दिन दुकानें तथा व्यावसायिक संस्थान संचालित करने की व्यवस्था को लेकर श्रम विभाग और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सुविधा नियमों के दायरे में ही मिलेगी। कर्मचारियों के शोषण या महिला सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की अनदेखी करने वाले संस्थानों की चौबीसों घंटे संचालन की अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त मानी जाएगी और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बृहस्पतिवार को भीलवाड़ा स्थित उप श्रम आयुक्त कार्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में व्यापारियों, भोजनालय एवं होटल संचालकों तथा उद्योग प्रतिनिधियों को अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। बैठक की अध्यक्षता उप श्रम आयुक्त शिवदयन सोलंकी ने की। बैठक में पुलिस प्रशासन, फर्नीचर संघ के अध्यक्ष, मेवाड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में उप श्रम आयुक्त शिवदयन सोलंकी ने कहा कि राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थान अधिनियम, 1958 के तहत चौबीसों घंटे दुकानें संचालित करने की अनुमति निर्धारित शर्तों के अधीन है। यदि किसी संस्थान द्वारा नियमों की अनदेखी की जाती है तो उसे दी गई यह छूट स्वतः निरस्त मानी जाएगी और संबंधित नियोजक के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी से एक दिन में अधिकतम 10 घंटे तथा एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ही कार्य कराया जा सकता है। निर्धारित समय से अधिक कार्य लेने की स्थिति में नियोजक को ओवरटाइम का पूरा भुगतान करना अनिवार्य होगा तथा उसका संपूर्ण अभिलेख सुरक्षित रखना होगा। प्रत्येक कर्मचारी को रोटेशन के आधार पर सवैतनिक साप्ताहिक अवकाश देना भी अनिवार्य रहेगा।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि प्रत्येक कर्मचारी को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा। नियुक्ति पत्र की एक प्रति संबंधित क्षेत्र के श्रम निरीक्षक को उपलब्ध करानी होगी तथा उसकी प्राप्ति रसीद नियोजक को अपने पास सुरक्षित रखनी होगी।
रात्रि पाली में कार्यरत महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना लिखित सहमति के किसी भी महिला कर्मचारी से रात्रि पाली में कार्य नहीं कराया जा सकेगा। साथ ही महिला कर्मचारियों के घर से कार्यस्थल तक आने-जाने के लिए सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित संस्थान के मालिक अथवा नियोजक की जिम्मेदारी होगी। प्रशासन ने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि चौबीसों घंटे संचालन की नीति का उद्देश्य राज्य में व्यापार को बढ़ावा देना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना तथा 'व्यापार करने की सुगमता' (ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस) को मजबूत करना है। हालांकि यह सुविधा केवल उन्हीं संस्थानों को मिलेगी जो कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का शत-प्रतिशत पालन करेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Anshul Toshniwal, Bhilwara
नाम: अंशुल तोषनीवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): सभी प्रकार के समाचार (General Reporting)
अनुभव: 6 माह
परिचय
अंशुल तोषनीवाल भीलवाड़ा जिले से न्यूज़ वेबसाइट के लिए रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह भीलवाड़ा जिले और उसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की स्थानीय घटनाओं, प्रशासनिक गतिविधियों, क्राइम, राजनीति और जनहित से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
अंशुल तोषनीवाल शैक्षणिक रूप से इंजीनियर (Engineer) हैं। उनकी तकनीकी और विश्लेषणात्मक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों को सटीकता से समझने और प्रस्तुत करने में मदद करती है।
