भीलवाड़ा: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ₹26.98 लाख की ठगी, ₹5.65 लाख फ्रीज़
सेबी पंजीकृत बताकर व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी एप्लीकेशन के जरिए ठगी की गई, साइबर थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को आंशिक राशि वापस मिली।

भीलवाड़ा में ऑनलाइन निवेश और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर हुई बड़ी साइबर ठगी का पुलिस ने तेजी से खुलासा करते हुए पीड़ित को आंशिक राहत दिलाई है। जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा (आईपीएस) के निर्देश पर साइबर थाना भीलवाड़ा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ₹26,98,000 की ठगी से जुड़े मामले में ठगों के विभिन्न बैंक खातों में जमा ₹5,65,000 की राशि को फ्रीज़ कर दिया है, जबकि न्यायालय के आदेश के बाद इनमें से ₹1,50,000 पीड़ित के खाते में वापस कराए गए हैं।
पीड़ित ने 13 अप्रैल 2026 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया कि उसे ठगों ने खुद को सेबी (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) से पंजीकृत बताकर विश्वास में लिया। आरोपियों ने उसे ‘कोटक सिक्योरिटीज प्राइवेट मार्केट ट्रेडिंग’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (IPO) और शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच दिया। इसी भरोसे को आधार बनाकर उसे एक फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन “NEO KOTMAT APP @ KOTPRO APP” के माध्यम से लगातार निवेश के लिए प्रेरित किया गया और मानसिक दबाव भी बनाया गया।
जांच में सामने आया कि पीड़ित ने 25 फरवरी 2026 से 30 मार्च 2026 के बीच विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹26,98,000 की राशि ट्रांसफर कर दी थी। बाद में आरोपियों ने बिना सहमति के ‘इमियाक टेक्नोलॉजीज लिमिटेड’ के शेयर आवंटन का झांसा देकर और अधिक धन की मांग शुरू कर दी, जिसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने प्रकरण संख्या 11/2026 के तहत बीएनएस 2023 की धारा 318(4), 319(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। उप पुलिस अधीक्षक (साइबर) उदयसिंह के निर्देशन तथा पुलिस निरीक्षक रामशरण के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में शामिल आरक्षी राम प्रसाद ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP 1930) पर शिकायत दर्ज कराते हुए विभिन्न बैंकों से समन्वय स्थापित किया, जिसके परिणामस्वरूप ठगों के खातों में जमा ₹5,65,000 की राशि को तत्काल फ्रीज़ कराया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी समन्वय के चलते न केवल ठगी की आंशिक राशि सुरक्षित की जा सकी, बल्कि न्यायालय के आदेश से ₹1,50,000 पीड़ित को वापस भी मिल सके। यह कार्रवाई साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की तत्परता और डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
