भीलवाड़ा। अपराध की दुनिया में केवल चोरी करना ही जुर्म नहीं है, बल्कि चोरी के माल का सौदा करना भी सलाखों के पीछे पहुँचाने का पुख्ता रास्ता है। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की शंभूगढ़ थाना पुलिस ने एक ऐसी ही बड़ी कामयाबी हासिल की है, जहाँ दिनदहाड़े हुई 20 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी की गुत्थी सुलझाते हुए न केवल चोरों को, बल्कि चोरी के जेवरात खरीदने वाले मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की इस मुस्तैदी से इलाके में हड़कंप मच गया है और पूरी वारदात की परतें अब जनता के सामने हैं।

इस पूरी कहानी की शुरुआत 31 दिसंबर 2025 को हुई, जब पूरा देश नए साल के स्वागत की तैयारी में डूबा था। उसी दौरान जालमपुरा निवासी गोपाल लाल पुत्र कल्याण मल जाट के सूने मकान को अज्ञात बदमाशों ने अपना निशाना बनाया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात में चोरों ने कमरे का ताला तोड़कर अलमारी में रखे सोने-चांदी के कीमती आभूषण और 45,000 रुपये नकद पर हाथ साफ कर दिया। इस बड़ी चोरी की रिपोर्ट 1 जनवरी 2026 को थाने में दर्ज कराई गई, जिसमें सोने का नेकलेस, रकड़ी, रामनवमी के मादलिया, झूमरिया, झेला और भारी वजन के चांदी के पायजेब सहित करीब 20 लाख रुपये के माल की चोरी का जिक्र था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, बीटीएस डेटा और मुखबिरों के जाल की मदद से संदिग्धों की घेराबंदी शुरू की। पुलिस की इस वैज्ञानिक जांच ने जल्द ही रंग दिखाया और पूर्व में दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने न केवल अपना गुनाह कबूला, बल्कि यह भी बताया कि चोरी के पैसों से उन्होंने नए मोबाइल फोन खरीद लिए थे।

पुलिस की जांच यहीं नहीं रुकी। असली चुनौती चोरी गए 20 लाख के उन गहनों को बरामद करना था, जिन्हें चोरों ने ठिकाने लगा दिया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने सोने-चांदी के आभूषणों को सस्ते दामों में एक युवक को बेच दिया है। इसी सुराग के आधार पर शंभूगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नई राज्यास निवासी राजाराम पुत्र श्रवण शर्मा (19 वर्ष) को दस्तयाब किया। गहन पूछताछ के बाद राजाराम ने चोरी का सारा माल खरीदना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी राजाराम की निशानदेही पर चोरी किए गए सोने और चांदी के सभी आभूषणों को बरामद कर लिया है।

पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने न केवल अपराधियों के हौसले पस्त किए हैं, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का विश्वास भी जगाया है। चोरी की इस बड़ी गुत्थी को सुलझाना शंभूगढ़ पुलिस की एक बड़ी पेशेवर सफलता मानी जा रही है, जिसने वारदात के सूत्रधारों से लेकर चोरी का माल खपाने वाले गिरोह तक का पर्दाफाश कर दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है ताकि क्षेत्र में सक्रिय अन्य आपराधिक कड़ियों को भी जोड़ा जा सके।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

Next Story