संजय कॉलोनी में भक्ति और ज्ञान का महाकुंभ: श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर गूंजा सुदामा-कृष्ण प्रेम
भीलवाड़ा की संजय कॉलोनी में श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता और परीक्षित मोक्ष के प्रसंगों ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। 26वें पाटोत्सव और महाआरती के साथ संपन्न हुए इस अद्भुत आध्यात्मिक अनुष्ठान की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

भीलवाड़ा के संजय कॉलोनी स्थित श्री चारभुजा मंदिर में आचार्य शक्ति देव जी महाराज श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करते हुए।
भीलवाड़ा के संजय कॉलोनी स्थित श्री चारभुजा मंदिर में आयोजित 26वें पाटोत्सव महोत्सव के उपलक्ष्य में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को भव्य विश्राम हुआ। कथा के अंतिम दिन व्यासपीठ से आचार्य शक्ति देव जी महाराज ने श्रीकृष्ण-सुदामा की अटूट मित्रता और परीक्षित मोक्ष के प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण और संगीतमय वर्णन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस आध्यात्मिक समागम में आचार्य श्री ने श्रीमद्भागवत को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी बताते हुए इसे मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने वाला महाग्रंथ निरूपित किया।
कथा का शुभारंभ मंगलाचरण और आरती के साथ हुआ। तत्पश्चात, आचार्य श्री के श्रीमुख से भजनों की अमृत वर्षा हुई, जिसमें 'सांवरियो है सेठ, म्हारी राधाजी सेठाणी है' की धुन पर पूरा पांडाल भक्ति के रंग में सराबोर हो उठा। कथा के दौरान श्रीकृष्ण और सुदामा की निष्काम मित्रता का मर्म समझाते हुए आचार्य श्री ने कहा कि सच्चा मित्र वही है जो बिना किसी स्वार्थ के अटूट आत्मीयता निभाए। इस प्रसंग के दौरान अदिश समदानी ने श्रीकृष्ण, प्रकाश देवपुरा ने सुदामा और आशीष गंदोड़ियां ने द्वारपाल की भूमिका का सजीव अभिनय कर भक्तों को भावविभोर कर दिया। आचार्य श्री ने उपस्थित समुदाय से आह्वान किया कि वे सनातन संस्कृति की रक्षा का संकल्प लें, बच्चों को संस्कारित करें और समाज में व्याप्त कुरीतियों के प्रति सतर्क रहें।
कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति द्वारा विशिष्ट व्यक्तियों का अभिनंदन किया गया। समिति के मंत्री अरविंद जैन ने बताया कि संजय कॉलोनी माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष पद पर दूसरी बार निर्वाचित होने पर श्यामलाल डाड का सम्मान किया गया, साथ ही उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के लिए रामप्रसाद सोमानी और महेश सोमानी परिवार को सम्मानित किया गया। मंदिर परिसर में चल रहे यज्ञ की पूर्णाहुति वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई, जिसके बाद भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए गए। समापन के अवसर पर आयोजित महाआरती और महाप्रसादी में हजारों श्रद्धालुओं ने सम्मिलित होकर धर्मलाभ अर्जित किया। अंत में, समिति अध्यक्ष जगदीश देवपुरा और मंत्री अरविंद जैन ने समस्त सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी क्षेत्रवासियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
