श्रीमद् भागवत कथा एवं छप्पन भोग की झांकी

  • व्यास पीठ पर विराजित श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर का महाराज ने अभिनंदन किया और श्रीमद भागवत महापुराण कथा श्रवण किया।
  • कथा में श्रीकृष्ण बाल लीला और गोवर्धन पूजा प्रसंग का वाचन किया गया तथा इस अवसर पर छप्पन भोग की झांकी सजाई गई।
  • डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर ने कहा कि "जब तक जीवन में प्रबल पुरूषार्थ किए बिना भगवान की कृपा प्राप्त नहीं हो सकती। कभी भी अपने कर्तव्य से विमुख नहीं होना चाहिए।"

विशिष्ट संतों का आगमन और स्वागत

स्वामी श्री राजेन्द्रदास देवाचार्य महाराज का हरि शेवा उदासीन आश्रम पहुंचने पर महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज, महंत स्वरुपदास, महंत हनुमानराम उदासीन सहित अन्य संत महात्माओं के साथ सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरि शेवा भक्त मण्डल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने स्वागत किया। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि "आपके प्रथम बार आगमन से मन की मुराद पूर्ण हो गई।" इस दौरान मंच पर पठानकोट से आए महामंडलेश्वर स्वामी शरणानंद महाराज एवं पंचमुखी दरबार भीलवाड़ा के महन्त लक्ष्मणदास त्यागी का भी सानिध्य मिला।





राजेन्द्रदास महाराज का पावन संदेश

"भगवान का नाम, रूप, लीला ओर धाम ये चारो सच्चिदानंद स्वरूप है। भगवान की प्राप्ति ओर भगवान की कथा की प्राप्ति में कोई भेद नहीं है। भगवान की प्राप्ति से हमे आवागमन के चक्र से मुक्त होकर प्रभु चरणों में समर्पित हो जाते है ओर यहीं फल भगवान की कथा सुनने वाले को भी मिलता है। भीलवाड़ावासी भाग्यशाली है जो ऐसी कथा सुनने का अवसर मिल रहा है।"

गौसेवा और राष्ट्रभक्ति का आह्वान

  • डॉ. पाराशर ने प्रेरणा देते हुए कहा कि "गौसेवा और गौरक्षा हर सनातनी का कर्तव्य है, प्रतिदिन गौपूजा करना नहीं भूलें। सभी सनातनियों को प्रतिदिन गौपूजन कर घर में प्रथम रोटी गाय और अंतिम रोटी श्वान के लिए निकालनी चाहिए।"
  • राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि "देश को बाहर से नहीं उनसे अधिक खतरा है जो देश में रहकर यहां नुकसान पहुंचा रहे है। दुष्ट का स्वभाव कभी नहीं बदल सकता इसलिए आस्तीन के सांप से सावधान रहना चाहिए।"

दीक्षार्थियों का परिचय और आरती

महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने महोत्सव के अंतिम दिन दीक्षा ग्रहण करने जा रहे दीक्षार्थी इन्द्रदेव, सिद्धार्थ एवं कुनाल का परिचय राजेन्द्रदास महाराज से कराया और तीनों ने आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा के पांचवे दिवस के विश्राम पर व्यास पीठ की आरती में संगम ग्रुप के चेयरमेन उद्योगपति रामपाल सोनी, विभिन्न समाजों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन पंडित अशोक व्यास ने किया। कथा समाप्ति के बाद डॉ. पाराशर ने हाथीभाटा आश्रम पहुंच महन्त संतदास महाराज के सानिध्य में वहां सिंदुर का पौधा लगाया।

जारी धार्मिक अनुष्ठान और संकीर्तन

वृन्दावन से आए 16 कलाकार चैतन्यदास के नेतृत्व में मुख्य द्वार के समीप 3-3 घंटे की पारी में "अखण्ड हरिनाम संकीर्तन" कर रहे हैं। महोत्सव में अन्य अनुष्ठान भी जारी हैं:

  • पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ (यज्ञाचार्य कामेश्वरनाथ तिवारी के सानिध्य में)।
  • श्री अष्टोतर शत (108) भागवत मूल पाठ एवं शतचण्डी।
  • अखण्ड श्रीमद् भगवतगीता पाठ, श्री रामचरितमानस पाठ और श्रीचंद सिद्धांत सागर पाठ।
  • शाम 7 बजे से रसिकाचार्य कुंजबिहारी शर्मा के मण्डल द्वारा रासलीला।
  • प्रतिदिन शाम 6:00 बजे काशी की तर्ज पर भव्य गंगा आरती।

आगामी कार्यक्रम: संत दर्शन एवं शोभायात्रा

सनातन मंगल महोत्सव के तहत 25 फरवरी बुधवार को प्रातः 8 बजे संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा का आयोजन होगा। यह शोभायात्रा अयोध्यानगर शहीद चौक (दूधाधारी मंदिर) से प्रारंभ होकर नगर परिक्रमा करते हुए हरि शेवा उदासीन आश्रम पहुंचेगी। इसमें तीनों दीक्षार्थी, संत महापुरूष, नगर प्रभात फेरी मण्डलियां और हजारों श्रद्धालु शामिल होकर सनातन एकता प्रदर्शित करेंगे।

श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का वाचन 25 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 से 4 बजे तक हो रहा है। मंगलवार को महारास एवं रूक्मणी विवाह प्रसंग का वाचन होगा और उदासीन कार्ष्णि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी गुरूशरणानंद महाराज (रमणरेती) का सानिध्य प्राप्त होगा।

Pratahkal Bureau

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