भीलवाड़ा: सनातन मंगल महोत्सव में भागवत कथा संपन्न, सीएम मोहन यादव आएंगे
हरि शेवा उदासीन आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा की पूर्णाहुति हुई और गुरुवार को आयोजित मुख्य समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सम्मिलित होंगे।

भीलवाड़ा के हरि शेवा उदासीन आश्रम में आयोजित सनातन मंगल महोत्सव के सातवें दिन व्यास पीठ का पूजन करते श्रद्धालु और उपस्थित संत समाज।
भीलवाड़ा, 25 फरवरी। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के सातवें दिन बुधवार को श्रीमद भागवत महापुराण कथा का विश्राम एवं विभिन्न यज्ञ अनुष्ठानों की विधि-विधान के साथ पूर्णाहुति हुई। इस भव्य आयोजन के क्रम में सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह कल गुरुवार सुबह 9 बजे से हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर परिसर में आयोजित होगा, जिसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से शामिल होंगे। डॉ. यादव इस गरिमामय समारोह में सम्मिलित होने के लिए सुबह 11 बजे भीलवाड़ा पहुंचेंगे।
सज्जनता को कायरता समझने वालों को उनकी भाषा में समझाना जरूरी
श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिवस पर व्यास पीठ पर विराजित श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर के मुखारबिंद से सुदामा चरित्र प्रसंग एवं भागवतसार का वाचन हुआ। डॉ. पाराशर ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि — "जिनके जीवन में दीनबंधु कृष्ण जैसे मित्र होते है उसके जीवन में कभी दुःख ठहर नहीं सकता। जीवन में किसी बात का अहंकार नहीं करे ओर परमात्मा को कृपापात्र बने रहे। हमेशा मित्र के दुःख को अपना समझ सहभागी बने।" उन्होंने सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार करते हुए कहा कि — "आजकल लोग थोड़ा सा प्रभावशाली होते ही अपने निर्धन परिजनों को पहचानने में भी संकोच करते है जबकि कृष्ण ने द्वारिकाधीश होते हुए आगे बढ़कर दीनहीन सुदामा को गले लगा मित्रता ओर स्नेह का अद्भुत नजारा जगत के समक्ष प्रस्तुत किया। जीवन में परमात्मा की कृपा के बिना कोई शुभ कार्य संभव नहीं हो सकता।"
भारत विश्व का आध्यात्मिक हृदय और राष्ट्रभक्ति का संदेश
जब भगवान कृष्ण द्वारा सुदामा के पैर अपने नयनों के जल से धोने का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया गया, तो पांडाल में मौजूद कई नयन भीग गए। डॉ. पाराशर ने भारत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि — "भारत दुनिया का आध्यात्मिक मार्गदर्शक है। सम्पूर्ण संसार भगवान का शरीर है पर भारत उनका ह्दय है। भारत में धर्म ध्वजा लहराती रही तो पूरे विश्व में धर्म का जयघोष होगा। भारत का संदेश पूरी दुनिया में जाता है।" उन्होंने भागवत सार समझाते हुए कहा कि — "भगवान का तेज श्रीमद् भागवत में आकर विराजित हो गया। जीवन में केवल परमात्मा से उम्मीद रखो बाकी किसी से आस मत लगाओ।" राष्ट्रभक्ति पर बल देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि — "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर देश के खिलाफ नारे नहीं लगाए जा सकते। सनातनी सहिष्णु ओर शांतिप्रिय होकर विश्व कल्याण की कामना करते है पर कोई हमारी सज्जनता को कायरता समझे तो वह जिस भाषा में समझे उसी में समझाना चाहिए। दुर्जन को सज्जन की भाषा से नहीं समझाया जा सकता। पहले हम शांति के कबुतरे उड़ाते रहे ओर पड़ौसी आतंकी भेजते रहे, जब उसके घर में घुसकर ताकत दिखाई तो अब वह कटोरा लिए घूम रहा है।"
भक्तिमय वातावरण में कथा का विश्राम और संतों का सानिध्य
भीलवाड़ा पधारे डॉ. श्याम सुंदर पाराशर ने स्थानीय निवासियों की श्रद्धा की सराहना करते हुए कहा कि वह सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें इस दिव्य आयोजन में कथा श्रवण कराने का सुअवसर मिला। कथा के विश्राम पर "मीठे रस सो भरयो राधा रानी लागे" भजन की गूंज पर श्रद्धालु झूम उठे। आरती के अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के साथ देवभूमि भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आए संत महात्मा, सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरि शेवा भक्त मण्डल के पदाधिकारी और देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन पंडित अशोक व्यास ने किया और अंत में हर हर महादेव, सनातन धर्म की जय और भारत माता की जय के जयकारे गूंजे।
हम सभी सनातनी एक, आपस में बोलें राम-राम: स्वामी हंसराम
हरि शेवा उदासीन आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज ने व्यास पीठ की पूजा कर डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर का शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि — "सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के साथ डॉ.पाराशर की वाणी भी भीलवाड़ा के इतिहास में यादगार रहेगी। संत ओर ग्रंथ राष्ट्र की धरोहर है। सनातन मंगल महोत्सव समाज ओर सनातन का उत्सव है। भीलवाड़ा में सनातन संस्कृति का बीज अब वटवृक्ष बन चुका है। इस आयोजन में कोई जजमान नहीं सभी कार्यकर्ता है।" महामंडलेश्वर ने एकता का संदेश देते हुए आह्वान किया कि — "जात पात से उपर उठकर सभी सनातनी एक-दूसरे के सुख दुःख में सहभागी बने ओर आपस में मिले तो राम-राम बोलकर अभिनंदन करे। धर्म ओर राष्ट्र रक्षा के लिए हमे जागरूक रहना है।"
विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों की विधि-विधान से पूर्णाहुति
विश्व कल्याण की कामना से आयोजित सात दिवसीय विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान बुधवार को संपन्न हुए। काशी के यज्ञाचार्य कामेश्वरनाथ तिवारी के सानिध्य में पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ की पूर्णाहुति हुई। इसके साथ ही श्री अष्टोतर शत (108) भागवत मूल पाठ, शतचण्डी, अखण्ड श्रीमद् भगवतगीता पाठ, श्री रामचरितमानस पाठ, श्रीचंद सिद्धांत सागर पाठ, अखण्ड श्री रामनाम संकीर्तन और चारों वेद के मूल पाठ का पारायण पूर्ण हुआ। शाम को काशी की तर्ज पर आयोजित गंगा आरती में सैकड़ों श्रद्धालु उमड़े। श्रीधाम वृन्दावन के रसिकाचार्य कुंजबिहारी शर्मा एवं श्री निकुंज बिहारी रासलीला मण्डल के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रासलीला का आयोजन गुरूवार को सम्पन्न होगा।

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