भीलवाड़ा: सहाड़ा विधायक लाडू लाल पितलिया का बासड़ा में भारी विरोध
बासड़ा को ग्राम पंचायत का दर्जा न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने विधायक और पूर्व सांसद के सामने की नारेबाजी, पुलिस सुरक्षा में निपटा कार्यक्रम।

भीलवाड़ा के बासड़ा गांव में विकास कार्यों के उद्घाटन के दौरान विधायक लाडू लाल पितलिया का विरोध करतीं ग्रामीण महिलाएं और तैनात पुलिस बल।
भीलवाड़ा। सहाड़ा-रायपुर विधायक लादू लाल पितलिया को आज गुंदली ग्राम पंचायत के बासड़ा गांव में भारी जन-आक्रोश का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के गुस्से को भांपते हुए विधायक भारी पुलिस जाप्ते के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे, लेकिन माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि उन्हें बिना विस्तृत कार्यक्रम किए ही वापस लौटना पड़ा।
विरोध की मुख्य वजह: पंचायत का दर्जा न मिलना
- ग्रामीणों के आक्रोश का मुख्य कारण पंचायत परिसीमन के दौरान बासड़ा गांव को नई ग्राम पंचायत नहीं बनाना है।
- ग्रामीणों का आरोप है कि "विधायक पितलिया ने अपने चहेतों को फायदा पहुँचाने की मंशा से बासड़ा को पंचायत का दर्जा नहीं दिलाया और इसे जबरन रामपुरिया पंचायत में जोड़ दिया।"
- इसके अलावा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों में धांधली और अनियमितता को लेकर भी लोगों में गहरा असंतोष दिखा।
नेताओं ने बीच में ही छोड़ा कार्यक्रम
घटनाक्रम के अनुसार, विधायक पितलिया के साथ पूर्व सांसद सुभाष चंद्र बहेड़िया भी उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। लेकिन ग्रामीणों के तीखे तेवर और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पूर्व सांसद बहेड़िया उद्घाटन से पहले ही वहां से निकल गए।
वहीं, पूर्व मंत्री कालू लाल गुर्जर और सुवाणा पूर्व प्रधान फूलकंवर चुंडावत ने भी स्थिति बिगड़ती देख जाने का प्रयास किया, लेकिन भाजपा मंडल अध्यक्ष और गुंदली सरपंच शंभू लाल गुर्जर के विशेष आग्रह पर वे कुछ देर रुके रहे।
महिलाओं ने सुनाई खरी-खोटी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
मेला स्थल पर सीसी सड़क निर्माण के उद्घाटन के दौरान गांव की महिलाओं ने विधायक लादू लाल पितलिया और सरपंच शंभू लाल गुर्जर को आड़े हाथों लिया और जमकर खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीणों की नारेबाजी और बढ़ते गुस्से के बीच पुलिस प्रशासन और भाजपा कार्यकर्ताओं को बीच-बचाव के लिए आगे आना पड़ा।
पलक झपकते ही कार्यक्रम खत्म
विरोध के चलते जो कार्यक्रम घंटों चलना था, वह कुछ ही मिनटों में सिमट गया। विधायक पितलिया ने आनन-फानन में उद्घाटन की औपचारिकता पूरी की और पुलिस सुरक्षा के घेरे में अपनी गाड़ी से वहां से रवाना हो गए।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से बासड़ा को स्वतंत्र पंचायत बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। स्थानीय विधायक के प्रति यह गुस्सा आने वाले समय में राजनीतिक गलियारों में बड़े बदलाव के संकेत दे रहा है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
