सड़क हादसों पर अफसरों पर गैर इरादतन हत्या का केस चलाने की मांग: भीलवाड़ा
उपभोक्ता अधिकार समिति ने नितिन गडकरी को भेजा ज्ञापन, सड़क डिजाइन में खामी और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर आपराधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।

सरकारी आंकड़े बताते हैं कि हमारे देश में प्रत्येक घंटे में 15 व्यक्ति सड़क हादसों में मर रहे हैं। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु जिम्मेदार अफसरों व कर्मचारियों पर "गैर इरादतन हत्या" के आपराधिक मुकदमे चलाए जाने की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण ज्ञापन पत्र प्रेषित किया गया है। भारत सरकार के केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी एवं निदेशक (सड़क सुरक्षा) सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, परिवहन भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली को उपभोक्ता अधिकार समिति राजस्थान भीलवाड़ा के केन्द्रीय मानवाधिकार अध्यक्ष डॉ अशोक सोडाणी द्वारा सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कार्रवाई की मांग के साथ यह ज्ञापन भेजा गया है।
दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण और सरकारी चिंता
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि भारत सरकार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंतित है और उनको रोकने हेतु नियमित रूप से प्रयासरत भी है, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर बढ़ती ही जा रही है। उसी क्रम में ज्ञापन पत्र द्वारा हम आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं कि भीलवाड़ा जिले के साथ-साथ पूरे देश में सड़कों पर विभिन्न तरह की जो कमियां पाई जाती हैं, जैसे गढ्ढे, आवारा पशु, ओवर लोडिंग, ओवर स्पीड, सड़कों की गलत डिजाइन और रिश्वतखोरी इत्यादि अनेकों अनेक कारण हैं, जिनकी वजहों से गम्भीर सड़क दुर्घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं।
जवाबदेही तय करने की मांग
सरकार आम आदमी और आम जनता पर तो सख्ती कर ही रही है जो जरूरी भी है, लेकिन अगर इसके साथ-साथ जिम्मेदार अफसरों व कर्मचारियों पर "गैर इरादतन हत्या" के आपराधिक मुकदमे चलाए जाएं तो बहुत हद तक बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाई जा सकती है। डॉ अशोक सोडाणी ने ज्ञापन पत्र में कहा कि "कहावत है कि 'भय बिन प्रीत ना होय गुसाईं!' बस वो भय आम जन के साथ-साथ जिम्मेदार अफसरों व कर्मचारियों में भी होना ही चाहिए!" सड़क दुर्घटनाएं यदि अधिकारियों व कर्मचारियों की गैर जिम्मेदारी या लापरवाही से होती हैं तो उन पर आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं और गैर इरादतन हत्या के तहत कार्रवाई की जाए।
समिति के पदाधिकारियों का सामूहिक समर्थन
उपभोक्ता अधिकार समिति राजस्थान भीलवाड़ा के पदाधिकारियों ने जनहित में भारत सरकार से अनुरोध किया है कि सड़क हादसों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इस मांग का समर्थन करने वालों में केन्द्रीय सचिव एडवोकेट प्रहलाद राय व्यास, केन्द्रीय अध्यक्ष सुनील राठी, केन्द्रीय मानवाधिकार अध्यक्ष डॉ अशोक सोडाणी, केन्द्रीय महिला अध्यक्ष मधु जाजू, केन्द्रीय उपाध्यक्ष अशोक सोमानी, जिला युवा अध्यक्ष अंकित सोमानी, महिला जिलाध्यक्ष अर्चना दूबे एवं समस्त सदस्यगण शामिल हैं।

Pratahkal Bureau
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