करेड़ा और शंभुगढ़ थाना क्षेत्रों में हुए सड़क हादसों में घायल जेसिंग बागरिया और जगदीशप्रसाद खाती ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में रफ्तार का कहर दो परिवारों के लिए काल बन गया, जहां अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए सड़क हादसों में दो लोगों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इन घटनाओं ने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और अनियंत्रित वाहनों से होने वाले जोखिम को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है।

पहली हृदयविदारक घटना करेड़ा थाना क्षेत्र में घटित हुई। थाने के सहायक उप निरीक्षक शरीफ मोहम्मद के अनुसार, पचातरों का खेड़ा निवासी 51 वर्षीय जेसिंग पुत्र देबी बागरिया अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर कानजी का खेड़ा के रास्ते अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान खुमानपुरा चौराहे पर एक अन्य तेज रफ्तार बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि जेसिंग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गए। आनन-फानन में उन्हें जिला मुख्यालय स्थित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, किंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था; उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

वहीं, दूसरी दुर्घटना शंभुगढ़ थाना क्षेत्र से सामने आई है, जहां दस दिनों तक जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करने के बाद एक बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। दीवान रामरतन आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि बीती 10 अप्रैल को 65 वर्षीय जगदीशप्रसाद खाती अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी दूल्हेपुरा के समीप एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। गंभीर अवस्था में उन्हें पहले गुलाबपुरा और स्थिति बिगड़ने पर अजमेर के अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। सोमवार को, दस दिनों के लंबे संघर्ष के पश्चात जगदीशप्रसाद की मृत्यु हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है और संबंधित मामलों में गहन जांच शुरू कर दी है।

Pratahkal Newsroom

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