भीलवाड़ा: अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत, शॉर्ट सर्किट से फसल जली
भीलवाड़ा जिले में शनिवार को इंजन की चपेट में आने, सड़क दुर्घटना और इलाज के दौरान तीन लोगों की जान गई, वहीं सवाईपुर में हाईटेंशन लाइन से खेत में आग लगी।

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में शनिवार का दिन अमंगलकारी साबित हुआ, जहां विभिन्न दर्दनाक हादसों ने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। इन घटनाओं में दो किसानों सहित तीन लोगों की अकाल मृत्यु हो गई, जिससे समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
विनाशकारी घटनाओं के क्रम में पहली हृदयविदारक घटना जहाजपुर थाना क्षेत्र के कुराड़िया इलाके से सामने आई। यहां गांगीथला गांव निवासी 19 वर्षीय युवा किसान सूरज पुत्र मनोहर भील एक खेत पर सिजारी (साझेदार) के रूप में कृषि कार्य कर रहा था। शनिवार को जब सूरज खेत पर इंजन चालू करने का प्रयास कर रहा था, तभी अचानक उसके गले में लिपटी साफी इंजन के घूमते हुए पट्टे की चपेट में आ गई। साफी का फंदा इतनी तेजी से लगा कि सूरज की मौके पर ही तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत हो गई। जहाजपुर थाने के दीवान दिलीप कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए विधिक कार्रवाई को अंजाम दिया।
जहाजपुर क्षेत्र में ही घटित दूसरी दुर्घटना में एक अन्य किसान की जान चली गई। माली मोहल्ला निवासी 45 वर्षीय छोटूलाल पुत्र खाना माली शनिवार सुबह अपने घर से खेत की ओर निकले थे। शाहपुरा रोड पर स्थित होटल कृष्णा पैराडाइज के समीप जब वह हाइवे पार कर रहे थे, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मारते हुए कुचल दिया। लहुलुहान हालत में छोटूलाल को तुरंत शाहपुरा अस्पताल ले जाया गया, परंतु वहां मौजूद चिकित्सकों ने परीक्षण के पश्चात उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृत्यु का तीसरा मामला बदनौर क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक घायल बुजुर्ग ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार, बदनौर निवासी 66 वर्षीय हरीसिंह पुत्र लालूसिंह रावत बीते 16 अप्रैल को अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी शेखावास के समीप एक अन्य बाइक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया था। गंभीर रूप से घायल हरीसिंह को भीलवाड़ा के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था, जहां शनिवार को जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए उनकी सांसे थम गईं।
हादसों के साथ-साथ जिले के सवाईपुर कस्बे में शनिवार दोपहर आग का तांडव भी देखने को मिला। कस्बे के सालरिया रोड पर स्थित रमेशचंद्र जैन के खेत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन में अचानक भीषण स्पार्किंग हुई। शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी नीचे सूखी फसल पर जा गिरी, जिसने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया। इस आगजनी में रमेशचंद्र की दो बीघा तुअर की फसल जलकर राख हो गई। आग की लपटें इतनी तीव्र थीं कि उन्होंने पास ही स्थित भैरू पिता मांगू गाड़री के खेत को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां रखी बाड़ की लकड़ियां और कई पेड़-पौधे जलकर खाक हो गए। ग्रामीणों की भारी भीड़ ने स्वयं आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता न मिलने पर भीलवाड़ा से दमकल बुलाई गई। दमकल की गाड़ी ने करीब तीन फेरे लगाकर बड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। समय रहते बचाव कार्य होने से अन्य पड़ोसी खेत आग की भेंट चढ़ने से बच गए। इन घटनाओं ने एक ओर जहां सुरक्षा व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं कृषि क्षेत्र में बरती जाने वाली सावधानी की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है।

