भीलवाड़ा: राशन कालाबाजारी का भंडाफोड़, ग्रामीणों ने पकड़ा गेहूं से भरा ट्रक
फूलियाकलां में उचित मूल्य दुकान संचालक रामदेव रैगर द्वारा सरकारी राशन का गेहूं ब्लैक में बेचने की कोशिश, पूर्व जांच में भी सीज हुआ था 3350 किलो गेहूं।

फूलियाकलां कस्बे में गरीबों के हक के राशन पर डाका डालकर उसे अवैध रूप से बाजार में खपाने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों ने सजगता और सतर्कता का परिचय देते हुए ब्लैक में बेचने के लिए ले जाए जा रहे गेहूं से भरे एक ट्रक को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फूलियाकलां कस्बे के उचित मूल्य दुकान संचालक रामदेव रैगर ने अपने घर से एक ट्रक में सरकारी राशन का गेहूं भरवाया और उसे बाजार में अवैध रूप से ब्लैक में बेचने के लिए रवाना किया। ट्रक अभी अपने गंतव्य के लिए निकला ही था कि घर से कुछ ही दूरी पर स्थित रैगर बस स्टैंड पर सतर्क ग्रामीणों ने उसे घेरकर रुकवा लिया। ग्रामीणों ने राशन डीलर पर गेहूं को चोरी-छिपे ले जाने का आरोप लगाते हुए रसद विभाग के उच्च अधिकारियों को तुरंत मामले की सूचना दी। उस समय रसद विभाग के अधिकारी मुख्यमंत्री के खारी का लांबा गांव में प्रस्तावित रात्रि चौपाल कार्यक्रम की तैयारियों में व्यस्त थे, जिसके कारण वे तुरंत मौके पर नहीं पहुंच सके। हालांकि, विभाग से मिली सूचना पर फूलियाकलां थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गेहूं से लदे ट्रक को अपने कब्जे में लिया और उसे थाने लाकर खड़ा करवा दिया। इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई को देखने के लिए रैगर बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एकत्रित रहे।
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे राशन डीलर की पुरानी आपराधिक कार्यप्रणाली रही है, जिसे लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से गहरा आक्रोश व्याप्त था। ग्रामीणों की लगातार मिल रही गंभीर शिकायतों के आधार पर महज छह दिन पूर्व ही रसद विभाग की प्रवर्तन निरीक्षक मीनाक्षी मीणा ने इस उचित मूल्य दुकान की औचक जांच की थी। उस प्रशासनिक जांच में भी राशन डीलर रामदेव रैगर की बहुत बड़ी गड़बड़ियां और भारी अनियमितताएं उजागर हुई थीं। चौंकाने वाली बात यह थी कि जांच के दौरान पॉस मशीन के रिकॉर्ड में जहां मात्र एक किलोग्राम गेहूं का स्टॉक दर्शाया जा रहा था, वहीं जब दुकान का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) किया गया तो मौके पर 3350 किलोग्राम गेहूं का स्टॉक पाया गया। उस समय प्रवर्तन निरीक्षक मीनाक्षी मीणा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वह पूरा गेहूं जब्त कर लिया था और दुकान का प्रभार दूसरे राशन डीलर को सुपुर्द कर दिया था। इसके बावजूद, निलंबित या प्रभार से मुक्त डीलर द्वारा दोबारा गेहूं को खुर्द-बुर्द करने की इस दुस्साहसिक कोशिश ने रसद विभाग और स्थानीय प्रशासन की चौकसी व कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों द्वारा ट्रक पकड़े जाने की इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि रसद माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं।

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