भीलवाड़ा में रतनजोत के बीज खाने से 8 बच्चे बीमार
बावड़ी गांव के बालाजी मंदिर के पास खेलते समय बच्चों ने गलती से रतनजोत के बीज खा लिए, इलाज अस्पताल में चल रहा है

भीलवाड़ा। जिले के पंडेर थाना क्षेत्र के बावड़ी गांव में सोमवार को बच्चों द्वारा अनजाने में रतनजोत के बीज खाने की घटना ने गांव में हड़कंप मचा दिया। बालाजी मंदिर के पास खेल रहे आठ बच्चों की अचानक तबियत बिगड़ गई, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना का विवरण
एमजीएच चौकी सूत्रों के अनुसार, सोमवार सुबह बावड़ी गांव के बालाजी मंदिर के पास खेल रहे बच्चे रतनजोत के पौधे से गिरे बीजों को खाद्य फल समझकर खा बैठे। कुछ ही समय बाद बच्चों को उल्टियां होने लगीं। परिजनों को घटना की जानकारी मिलते ही सभी बच्चों को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
प्रभावित बच्चों की स्थिति
बीमार बच्चों में मुबारक हुसैन और मुनीर मोहम्मद के परिवार के सदस्य शामिल हैं। अस्पताल में भर्ती बच्चों में मुस्कान बानो (12 वर्ष), बेबू बानो (9 वर्ष), इरफान मोहम्मद (8 वर्ष), मेहरबान (6 वर्ष), महबूब (13 वर्ष), अनिशा (9 वर्ष), यास्मीन (12 वर्ष, मुनीर मोहम्मद मंसूरी की पुत्री) और आदित्य (रामदेव मेघवंशी के पुत्र) शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण सभी बच्चों की स्थिति नियंत्रण में है और उनकी निगरानी जारी है।
प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पंडेर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों की स्थिति पर नजर रख रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को जंगली पौधों और अज्ञात बीजों से दूर रखें। रतनजोत के बीजों के सेवन से पेट दर्द, उल्टी और गंभीर निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) हो सकता है।
चेतावनी और संदेश
यह घटना स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। समय रहते सतर्कता और बच्चों की देखरेख से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
