भीलवाड़ा: रामस्नेही सम्प्रदाय का श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह 13 सितंबर से
भीलवाड़ा के रामद्वारा में 13 से 20 सितंबर तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होगा, जिसमें पुष्कर से आए 108 वेदपाठी विद्वान भागवत का मूल पाठ करेंगे।

तस्वीर में गुलाबी वस्त्र पहने आचार्य श्रीरामदयालजी महाराज भीलवाड़ा में मंच से प्रवचन दे रहे हैं।
भीलवाड़ा, 11 सितम्बर। सत्ता, संपत्ति, सौन्दर्य और पद-प्रतिष्ठा मिलने पर कभी इतराना नहीं चाहिए, क्योंकि ये आज आपके पास हैं तो कल किसी और के पास हो सकते हैं। इनका समाज और राष्ट्र के लिए सदुपयोग करना ही वास्तविक दक्षता है। यह विचार अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाघीश्वर जगतगुरू आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज ने ‘विश्व शांति कल्याण’ चातुर्मास के तहत शुक्रवार को दैनिक सत्संग में व्यक्त किए।
आचार्यश्री ने कहा कि हम शास्त्रों की बातें तो करते हैं, लेकिन व्यवहार में उनकी पालना नहीं करते और जो हमें अच्छा लगता है, वही स्वीकार करते हैं। अपनी-अपनी चाल सब चलें, लेकिन अपनों के साथ कोई चाल नहीं चले, बल्कि अपनों के साथ चले। साथ चलना दक्षता और चतुराई है, जबकि चाल चलना चालाकी है। चालबाजियों के कारण ही दुनिया में किस पर विश्वास करें, यह तय कर पाना कठिन होता जा रहा है। युग का प्रभाव है कि सारी सम्पन्नता के बावजूद सारा जगत भयावह है। भय रहित केवल भक्ति है।
उन्होंने कहा कि गुण और आचरण से ही तय होता है कि सतयुग जैसा नजारा है या कलयुग चल रहा है। सतयुग अन्तर्मुखी और कलयुग बहिर्मुखी बनाता है। राम गुरु कृपा करें और हम अन्तर्मुखी बनकर परमात्मा को देखने का प्रयास करें। राम धर्म की पालना करें तो बेड़ा पार हो जाएगा। आत्म धर्म कल्याणकारी है, जबकि शरीर और संसार का धर्म बहुत नुकसान देने वाला होता है। हम सभी अपने-अपने इष्ट धर्म का पालन करें।
आचार्यश्री ने कहा कि जगत में कागज काम करता है, लेकिन परमात्मा की तरफ जाने के लिए मजबूत दिल चाहिए। आराध्य के प्रति मन के भाव मजबूत रहें तो कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। परमात्मा के भक्त प्रहलाद, मीरा और ध्रुव कोई भी हों, उन्हें पग-पग पर परीक्षा देनी पड़ती है।
आचार्य रामदयाल महाराज ने कहा कि हमारा आचरण तय करता है कि युग कैसा है। हम अगर धर्म, ध्यान, राम का ध्यान, कर्तव्य का ध्यान और आत्मचिंतन करते हैं तो सतयुग है। गुरु गोविन्द की अर्चना करते हैं तो त्रेता युग है और अज्ञानता के कारण धर्म से विरक्त हो जाएं तो कलयुग है। हर युग का असर स्वभाव पर आता है। जहां शांति और धैर्य होता है, वहां सतयुग और जहां क्रोध होता है, वहां कलयुग होता है। सतयुग को धर्म युग कहा जाता है। धर्म के अनुसार इंसान और जगत चलता था। यह कलयुग है, जमाने के अनुसार धर्म को चलना पड़ रहा है। किसी भी युग में किसी भी पल राम नाम लो, वह पुण्यदायी ही होगा। राम केवल नाम नहीं, हमारी संस्कृति का मूल तत्व है।
आचार्य रामदयाल महाराज ने बताया कि विक्रम संवत 1817 में रामस्नेही सम्प्रदाय की सृजनकर्ता भीलवाड़ा की पावन धरा पर रामद्वारा में ‘विश्व शांति कल्याण’ चातुर्मास के तहत विश्व शांति एवं कल्याण की भावना से 13 से 20 सितम्बर तक विराट श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह का आयोजन होगा। इसमें भागवत भक्ति, भक्त और भगवान पर चर्चा तथा जीवन दर्शन पर प्रवचन होंगे। इस दौरान 108 भागवत मूल पाठ का ऐतिहासिक आयोजन भी होगा।
पुष्कर से आने वाले 108 वेद पाठी विद्वान पंडित भागवत का मूल पाठ करेंगे। इन 108 भागवत का पूजन 108 यजमान परिवार करेंगे। सप्ताह के दौरान प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10.30 बजे तक एवं दोपहर 2 से 4 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा तथा सुबह 10.30 से 11.30 बजे तक एवं शाम 4 से 5 बजे तक श्रीवाणीजी का प्रवचन होगा। वाणीजी का प्रवचन आचार्य श्री रामदयालजी महाराज के मुखारबिंद से होगा। श्रीमद् भागवत कथा का वाचन संत मनोरथराम रामजी राम मचलाना द्वारा किया जाएगा। आयोजन में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु भीलवाड़ा आएंगे।
आचार्यश्री से पूर्व अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के प्रखर वक्ता संत मनोरथरामजी आलोट ने मानस प्रवचन दिया। प्रवचन के विश्राम पर श्रद्धालुओं द्वारा आचार्यश्री रामदयालजी महाराज की आरती की गई। सत्संग में भीलवाड़ा सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सूर्यास्त के समय संध्या आरती एवं रामस्नेही सम्प्रदाय के युवा संत रामजस ईडर द्वारा भक्तमाल की कथा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
