भीलवाड़ा: रामस्नेही अस्पताल ने 950 ग्राम वजनी नवजात को दी नई जिंदगी
जन्म के समय 950 ग्राम वजन वाले प्रीटर्म शिशु को एक महीने के गहन उपचार और एनआईसीयू देखभाल के बाद पूर्णतः स्वस्थ स्थिति में डिस्चार्ज किया गया।

भीलवाड़ा। चिकित्सा जगत में चमत्कारिक सफलता का एक और उदाहरण पेश करते हुए भीलवाड़ा के रामस्नेही चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र के शिशु विभाग ने मात्र 950 ग्राम वजनी एक प्रीटर्म (समय से पूर्व जन्मे) नवजात शिशु को नई जिंदगी दी है। अत्यंत कम वजन और गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहे इस शिशु का सफल उपचार कर उसे पूर्णतः स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज किया गया।
शिशु का जन्म अन्य अस्पताल में सामान्य प्रसव के माध्यम से हुआ था, किंतु जन्म के समय उसका वजन मात्र 950 ग्राम होने के कारण स्थिति नाजुक बनी हुई थी। जन्म के तुरंत बाद उसे विशेष उपचार हेतु रामस्नेही चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। चिकित्सालय में भर्ती के समय शिशु को सांस लेने में तीव्र तकलीफ हो रही थी, जिसके लिए उसे तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। गहन चिकित्सा उपचार के दौरान शिशु को गंभीर संक्रमण और नवजात पीलिया जैसी जटिल समस्याओं का भी सामना करना पड़ा, लेकिन शिशु विभाग की टीम ने अपनी कुशलता और तत्परता से इनका समय पर सफल उपचार सुनिश्चित किया।
अस्पताल की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, निरंतर निगरानी, विशेष नवजात देखभाल (NICU) और उचित पोषण प्रबंधन के माध्यम से शिशु की स्थिति में निरंतर सुधार दर्ज किया गया। लगभग एक माह के चुनौतीपूर्ण उपचार के बाद, शिशु का वजन बढ़कर 1.35 किलोग्राम तक पहुंच गया। स्वस्थ और संतोषजनक स्थिति में अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए इस नवजात का सफल उपचार शिशु विभाग की टीम की समर्पित सेवाओं, समयबद्ध चिकित्सा और परिवार के धैर्यपूर्ण सहयोग का एक उत्कृष्ट परिणाम है। अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों ने नवजात के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की कामना की है।

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