भीलवाड़ा: रामस्नेही हॉस्पिटल में वेंटिलेटर का पाइप नहीं जोड़ने का आरोप, मरीज की मौत के बाद बवाल
भीलवाड़ा के रामस्नेही हॉस्पिटल में आईसीयू में भर्ती मरीज की मौत के बाद कथित चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों ने वेंटिलेटर का ऑक्सीजन पाइप नहीं जोड़ने का आरोप लगाया है। अस्पताल में हंगामे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

तस्वीर में पुलिस अधिकारी रामस्नेही अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों से बातचीत करते हुए दिख रहे हैं।
भीलवाड़ा में रामस्नेही हॉस्पिटल से कथित चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि आईसीयू में भर्ती एक मरीज को वापस शिफ्ट करने के दौरान स्टाफ वेंटिलेटर का ऑक्सीजन पाइप जोड़ना भूल गया, जिसके कारण मरीज की दम घुटने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, रायला निवासी 52 वर्षीय घीसू लाल मेघवंशी, जो एक निजी कंपनी में गार्ड सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे, 8 जुलाई की शाम मांडल-रायला नेशनल हाईवे पर हुए एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने एंबुलेंस की सहायता से उन्हें रामस्नेही हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां उनके सिर का ऑपरेशन किया गया और उन्हें आईसीयू में भर्ती रखकर उपचार किया जा रहा था।
आरोप है कि मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना से संबंधित कुछ कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए गंभीर रूप से बीमार घीसू लाल को आईसीयू से नीचे काउंटर पर लाया गया। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें दोबारा आईसीयू में शिफ्ट किया गया।
परिजनों का आरोप है कि आईसीयू में वापस लाने के बाद ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ वेंटिलेटर का ऑक्सीजन पाइप कनेक्ट करना ही भूल गया। पाइप नहीं जुड़ने के कारण कुछ ही मिनटों में मरीज का दम घुटने लगा और वह तड़पने लगा। आरोप यह भी है कि उस दौरान न्यूरो आईसीयू में कोई डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं था। परिजनों ने जब काउंटर पर जाकर इसकी जानकारी दी और शोर मचाया, तब स्टाफ मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक घीसू लाल की मौत हो चुकी थी।
मरीज की मौत की सूचना मिलते ही मंगलवार रात करीब 11:30 बजे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ने पर भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को संभाला।
परिजनों का आरोप है कि चारों ओर से घिरने और उनके उग्र विरोध के बाद अस्पताल प्रबंधन ने अपनी गलती स्वीकार की, जिसके बाद परिजन शांत हुए।
घटना के संबंध में परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
यह मामला कई अहम सवाल खड़े करता है कि क्या केवल कागजी औपचारिकताओं के लिए गंभीर मरीज को वेंटिलेटर से हटाकर नीचे लाना उचित था, और यदि ऐसा किया गया तो आईसीयू में दोबारा शिफ्ट करते समय इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। अब इस मामले में पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
