भीलवाड़ा: रामद्वारा में 13 सितंबर से श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह
जगतगुरू आचार्य श्रीरामदयालजी के सानिध्य में 108 वेद पाठी विद्वान मूल पाठ करेंगे, देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पूजन की सुविधा रहेगी।

तस्वीर में रामद्वारा के मंच पर बैठे संत आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज और सामने मौजूद श्रद्धालु।
भीलवाड़ा, 12 सितम्बर। रामस्नेही सम्प्रदाय की सृजन धरा भीलवाड़ा के माणिक्यनगर स्थित रामद्वारा में रविवार 13 सितम्बर से 20 सितम्बर तक विराट श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह का आयोजन होगा। अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाघीश्वर जगतगुरू आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज के सानिध्य में ‘‘विश्व शांति कल्याण’’ चातुर्मास के तहत होने वाले इस आयोजन में भागवत भक्ति, भक्त व भगवान पर चर्चा तथा जीवन दर्शन पर प्रवचन होंगे। इसी दौरान 108 मूल भागवत पाठ का ऐतिहासिक आयोजन भी किया जाएगा।
आयोजन में पुष्कर से आने वाले 108 वेद पाठी विद्वान पंडित भागवत का मूल पाठ करेंगे। इन 108 भागवत का पूजन 108 यजमान परिवार करेंगे। श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह के दौरान प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10.30 बजे तक एवं दोपहर 2 से 4 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा होगी। सुबह 10.30 बजे से 11.30 बजे तक एवं शाम को 4 से 5 बजे तक श्रीवाणीजी का प्रवचन होगा। श्रीवाणीजी का प्रवचन आचार्य श्री रामदयालजी महाराज के मुखारबिंद से होगा, जबकि श्रीमद् भागवत कथा का वाचन संत मनोरथराम रामजी राम मचलाना द्वारा किया जाएगा। आयोजन में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु भीलवाड़ा पहुंच रहे हैं।
आचार्य रामदयाल महाराज ने शनिवार को सत्संग में बताया कि चातुर्मास कमेटी ने आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन धर्म एवं भक्ति का नया इतिहास रचेगा। रविवार सुबह 7 से 8 बजे तक 108 मूल भागवत का पूजन होगा, जिसमें यजमान भी मौजूद रहेंगे। सुबह 9 बजे श्रीमद् भागवत के व्यास पीठ पर आने के साथ श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह का विधिवत आगाज होगा।
जहां मूल भागवत पाठ चलेगा, वहां बाहर से ही अन्य लोग दर्शन कर सकेंगे। अमरीका सहित दुनिया के कई देशों में रहने वाले श्रद्धालुओं की भावना के अनुरूप मूल भागवत के वर्चुअल पूजन की व्यवस्था भी की गई है। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पूजन भी चलेगा।
सत्संग में आचार्य रामदयाल महाराज ने कहा कि हम दुनिया से अपेक्षा रखते हैं, लेकिन खुद धर्म की पालना नहीं करते हैं। शिष्य अपने गुरू धर्म का त्याग कर दे तो यह कलयुग का प्रभाव है। कलिकाल का प्रभाव हर तरफ देखने में आ रहा है। पेट भरने के लिए अक्ल सब लगाते हैं, पर आत्मानंद के लिए स्वामी रामचरण महाराज ने राम नाम का साधन बताया है। परमात्मा की कृपा जिस पर हो जाती है, वह अपनी अक्ल का उपयोग भक्ति एवं सेवा में करता है। ऐसे भक्त का जीवन सार्थक हो जाता है।
सत्संग के दौरान आचार्यश्री ने ‘नित्य गुरू वाणी’ नामक पुस्तक का विमोचन करते हुए प्रतिदिन श्रद्धा भक्ति से पाठ करने की प्रेरणा प्रदान की। उन्होंने चातुर्मासिक आयोजन के लाइव प्रसारण के लिए स्केनर कोड का विमोचन भी किया। इस तरह रामद्वारा में 13 सितम्बर से शुरू होने वाला श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह 108 मूल भागवत पाठ, पूजन, कथा, प्रवचन और देश-विदेश के श्रद्धालुओं की ऑनलाइन सहभागिता के साथ आयोजित होगा।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
