भीलवाड़ा, 15 अक्टूबर। अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाघीश्वर जगतगुरु आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज के ‘विश्व शांति कल्याण’ चातुर्मास के तहत गुरुवार को माणिक्यनगर रामद्वारा धाम में रामस्नेही परम्परा के अनुसार पंचमी महोत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव से चढ़ावे के साथ मनाया गया। महोत्सव में भीलवाड़ा सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में रामस्नेही श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान गोटकाजी महाराज की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। वहीं, श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री के समक्ष वर्ष 2027 के चातुर्मास, दीपमालिका यानी दीपावली पर्व और आगामी फूलडोल महोत्सव के आयोजन का सौभाग्य प्रदान करने के लिए अर्जियां समर्पित कीं।

सुबह 9 बजे माणिक्यनगर रामद्वारा धाम से पंचमी गोटकाजी महाराज की शोभायात्रा निकाली गई। संजय कॉलोनी गेट से शुरू हुई शोभायात्रा माणिक्यनगर रामद्वारा के मुख्य द्वार तक पहुंची। शोभायात्रा में रामस्नेही संत बड़े साध नरपतरामजी उदयपुर, संत मनोरथरामजी आलोट, भीलवाड़ा भंडारी खुशीरामजी, संत प्रीतमरामजी कोटा, युवा संत रामजस ईडर, संत गौतमरामजी, संत जयरामजी और संत खुशीरामजी का सानिध्य रहा। चातुर्मास आयोजक भंवरलाल अशोककुमार अजमेरा परिवार, लालचंद शिवकुमार अशोककुमार मुकेशकुमार गगराणी परिवार और मुरली श्याम ईनाणी परिवार के सदस्य महाप्रभु स्वामी श्रीरामचरण महाराज की वाणीजी को मस्तक पर रखकर चल रहे थे। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। रामद्वारा धाम पहुंचने के बाद पंचमी महोत्सव का आयोजन शुरू हुआ।

महोत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने आचार्य रामदयालजी महाराज के श्रीचरणों में वर्ष 2027 का चातुर्मास प्रदान करने और दीपमालिका पर्व के आयोजन का अवसर देने के लिए अर्जियां लगाईं। भीलवाड़ा चातुर्मास आयोजन समिति ने भी आचार्यश्री से आगामी दीपमालिका पर्व भीलवाड़ा में आयोजित करने की प्रार्थना की। भीलवाड़ा के सांसद दामोदर अग्रवाल, विधायक अशोक कोठारी, नगर निगम महापौर जसवंतकंवर, उप महापौर राधेश्याम सोमानी, पार्षदों, रामस्नेही श्रद्धालुओं और भक्तजनों ने आगामी फूलडोल महोत्सव के आयोजन का सौभाग्य भी भीलवाड़ा को प्रदान करने की भावपूर्ण अर्जी समर्पित की।

अर्जी में बताया गया कि भीलवाड़ा की धरती पर स्वामी रामचरण महाराज ने विक्रम संवत 1817 में रामस्नेही सम्प्रदाय का प्रादुर्भाव किया और 1820 में अनुभव वाणी का उद्गम हुआ। वर्ष 1822 में भीलवाड़ा रामद्वारा की स्थापना हुई और पहला फूलडोल महोत्सव भी इसी धरती पर आयोजित हुआ था। श्रद्धालुओं ने इसी परम्परा का उल्लेख करते हुए इस बार भी फूलडोल महोत्सव भीलवाड़ा में आयोजित करने की भावना व्यक्त की। दीपावली और फूलडोल महोत्सव के लिए अर्जी लगाने वालों में जगदीश सोमानी, रामराय काबरा, रमेश राठी, ओमप्रकाश तोषनीवाल सहित कई भक्तजन शामिल रहे।

आचार्य रामदयालजी महाराज ने अर्जियां समर्पित करने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आगामी चातुर्मास कहां होगा, इसका संकेत रंगपंचमी पर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आगामी चातुर्मास किसी तीर्थभूमि पर करने की भावना है। वहीं, दीपावली पर्व के आयोजन के लिए लगाई गई अर्जियों पर विजयादशमी पर्व पर समाधान दिया जाएगा।

पंचमी महोत्सव में आगामी चातुर्मास के लिए केकड़ी, जयपुर, महाजनपुरा तीर्थभूमि, घोसुण्डा, गंगापुर, कोटा, मानवत (महाराष्ट्र), ईडर (गुजरात) और पुष्कर सहित विभिन्न स्थानों से अर्जियां लगाई गईं। दीपावली पर्व के लिए प्रार्थना करने वालों में इन्दौर, भीलवाड़ा, शाहपुरा और पुष्कर के साथ महाराष्ट्र, गुजरात तथा पंजाब से आए श्रद्धालु शामिल रहे।

शाहपुरा से पहुंचे रामस्नेही श्रद्धालुओं, सत्संगीजनों और स्वरूपाबाई महिला मंडल की सदस्यों ने दीपावली पर आचार्यश्री को शाहपुरा पधारने और आगामी फूलडोल महोत्सव के आयोजन के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि शाहपुरा की पावन धरती पर वर्षों से फूलडोल महोत्सव आयोजित होता आ रहा है, इसलिए वहां भी आयोजन के संबंध में विचार किया जाए। उन्होंने आचार्यश्री से शीघ्र शाहपुरा पधारकर दर्शन देने की प्रार्थना की।

अहमदाबाद से आए श्रद्धालु गिरिराज कोठारी ने ‘विश्व शांति कल्याण’ चातुर्मास के आयोजन के लिए अजमेरा परिवार, गगराणी परिवार और ईनाणी परिवार का स्वागत किया। अहमदाबाद से श्याम ईनाणी और कैलाश ईनाणी भी महोत्सव में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान आचार्यश्री और चातुर्मास समिति की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया।

पंचमी महोत्सव के अवसर पर चातुर्मास के लाभार्थी अजमेरा परिवार, गगराणी परिवार और ईनाणी परिवार की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था की गई। देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने आचार्य रामदयालजी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रवचन के समापन पर श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री रामदयालजी महाराज की आरती की। सत्संग में भीलवाड़ा सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

आचार्य रामदयालजी महाराज ने अपने प्रवचन में समाज, राष्ट्र और विश्व के प्रति सकारात्मक सोच रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज, राष्ट्र और विश्व के लिए हमारी सोच हमेशा सकारात्मक होनी चाहिए। सकारात्मक सोच जीवन को संवारती है, जबकि नकारात्मक सोच कष्ट प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान चातुर्मास समाज, राष्ट्र और विश्व के कल्याण की भावना को समर्पित है।

चातुर्मास के दौरान आचार्यश्री के प्रवचन विजयादशमी पर्व तक नियमित रूप से जारी रहेंगे। प्रतिदिन सुबह 8.30 से 9 बजे तक रामधुनी के साथ वाणीजी का पाठ हो रहा है, जबकि दैनिक सत्संग सुबह 9 बजे से आयोजित किया जा रहा है। सूर्यास्त के समय संध्या आरती होती है। इसके साथ ही रामस्नेही सम्प्रदाय के युवा संत रामजस ईडर की ओर से भक्तमाल की कथा सुनाई जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पंचमी महोत्सव में चातुर्मास, दीपावली और फूलडोल महोत्सव के लिए विभिन्न क्षेत्रों से आई अर्जियों के बाद अब श्रद्धालुओं को रंगपंचमी और विजयादशमी पर आचार्यश्री की ओर से होने वाली घोषणाओं का इंतजार है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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