भीलवाड़ा रामद्वारा: आचार्य श्रीरामदयालजी ने दिए जीवन प्रबंधन के सूत्र
शाहपुरा पीठाधीश्वर ने सत्संग में सनातन धर्म और संस्कारों पर जोर दिया। रामद्वारा में 13 से 20 सितंबर तक विराट श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह का ऐतिहासिक आयोजन होगा।

तस्वीर में गुलाबी वस्त्र पहने आचार्य श्रीरामदयालजी महाराज माइक के सामने बैठकर सत्संग संबोधित करते हुए।
भीलवाड़ा, 7 सितम्बर। जीवन में दुर्जन और अज्ञानी का साथ देने वाले को भी भारी कष्ट उठाना पड़ता है। रावण और कंस का साथ देने वालों का भी नाश हो गया। जुबान की गलती की सजा कई बार दांतों को भुगतनी पड़ती है। जुबान की सार्थकता भजन करने में है। जीवन में जिसने स्वाद और विवाद को जीत लिया, वह दुनिया को जीत लेता है। यह विचार अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाघीश्वर जगतगुरू आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज ने ‘‘विश्व शांति कल्याण’’ चातुर्मास के तहत सोमवार को माणिक्यनगर रामद्वारा धाम में आयोजित दैनिक सत्संग में व्यक्त किए।
आचार्यश्री ने कहा कि जुबान को स्वाद पेट भरने पर आता है, भूखे पेट कभी स्वाद याद नहीं आता। घरों में कई बार जुबान थाली पर महाभारत करा देती है। भोजन पाने वाले और परोसने वाले मौन रहकर भोजन करें तो घर स्वर्ग बन जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में इसी धरती पर स्वर्ग और नरक है। पुण्य की जड़ पाताल और पाप की जड़ ‘अस्पताल’ है। जीवन में सुखी हों तो पुण्य का फल और दुःखी हों तो पाप का फल मिल रहा है। शास्त्र दर्पण समान होते हैं, वे वही बात कहते हैं जैसी होती है। व्यक्ति के पास विवेक नहीं है तो परमात्मा, गुरू और शास्त्र भी क्या करेंगे। आत्मजागरण होने पर ही विवेकवान बना जा सकता है। उन्होंने कहा कि सड़क और शिक्षक एक समान होते हैं। सड़क पर चलने वाला और शिक्षक के पास आने वाला मंजिल प्राप्त कर लेता है।
आचार्य रामदयाल महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म कमजोर हो रहा है तो उसके लिए जिम्मेदार हम हैं। माता-पिता कमाई में लगकर रामद्वारा जैसे धर्म स्थलों पर आना-जाना छोड़ रहे हैं तो बच्चे धर्म से विमुख हो रहे हैं और संस्कारों की कमी हो रही है। माता-पिता पर बच्चों को संस्कारवान बनाने का दायित्व होता है, लेकिन वे ऐसा कर नहीं पा रहे हैं। बच्चों को संस्कार देने पर ही हमारा भविष्य सुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि हमारे यहां भगवान को छप्पन भोग लगाते हैं और पिज्जा व बर्गर भारत के पकवान नहीं हैं, पर हम बच्चों को लाड़-प्यार से ये सड़ागला आहार करा रहे हैं। सात्विक आहार करने पर ही सात्विक वृत्ति एवं सात्विक विचार होंगे। जैसा हमारा खानपान होगा, वैसा ही हमारा मन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि रामस्नेही परम्परा के अनुसार आज एकादशी पर आधा चातुर्मास सानंद सम्पन्न हो रहा है।
आचार्यश्री से पूर्व अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के प्रखर वक्ता संत मनोरथरामजी आलोट ने मानस प्रवचन दिया। संत प्रीतमरामजी सहित कुछ श्रद्धालुओं ने भजन की प्रस्तुति दी। प्रवचन के विश्राम पर श्रद्धालुओं द्वारा आचार्यश्री रामदयालजी महाराज की आरती की गई। सत्संग में भीलवाड़ा सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। एकादशी होने से दोपहर 3 से 4 बजे तक वितराग महाराज के भजन हुए। सूर्यास्त के समय संध्या आरती एवं रामस्नेही सम्प्रदाय के युवा संत रामजस ईडर द्वारा भक्तमाल की कथा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
आचार्य रामदयालजी महाराज ने बताया कि रामद्वारा में ‘‘विश्व शांति कल्याण’’ चातुर्मास के तहत विश्व शांति एवं कल्याण की भावना से 13 से 20 सितम्बर तक विराट श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह का आयोजन होगा। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसमें भागवत भक्ति, भक्त व भगवान पर चर्चा एवं जीवन दर्शन पर प्रवचन होंगे। इस दौरान 108 भागवत मूल पाठ का ऐतिहासिक आयोजन भी होगा। पुष्कर से आने वाले 108 वेद पाठी विद्वान पंडित भागवत का मूल पाठ करेंगे। इन 108 भागवत का पूजन 108 यजमान परिवार करेंगे।
इस सप्ताह में प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10.30 बजे तक एवं दोपहर 2 से 4 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा तथा सुबह 10.30 बजे से 11.30 बजे तक एवं शाम को 4 से 5 बजे तक श्रीवाणीजी का प्रवचन होगा। वाणीजी का प्रवचन आचार्य श्री रामदयालजी महाराज के मुखारबिंद से होगा। श्रीमद् भागवत कथा का वाचन संत मनोरथराम रामजी राम मचलाना द्वारा किया जाएगा। रामद्वारा धाम में जारी चातुर्मासिक सत्संग के साथ 13 सितम्बर से होने वाला भागवत ज्ञान सप्ताह धार्मिक आयोजनों की अगली प्रमुख कड़ी होगा।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
