भीलवाड़ा: ट्रेन के आगे आए बच्चे को बचाकर गेटमैन हरिओम अहीरवार ने दी जान
कोटा-चित्तौड़गढ़ रेल मार्ग पर बरुंदनी गेट पर तैनात गेटमैन हरिओम ने टावर वैगन के सामने आए तीन साल के मासूम को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

बच्चे की जान बचाने के लिए मौत से भिड़ गया हरिओम
- बीगोद पुलिस के अनुसार, कादीसहना निवासी हरिओम अहीरवार (33) पुत्र प्यारचंद, बरुंदनी रेलवे गेट पर गेटमैन के पद पर तैनात थे।
- बुधवार शाम करीब 4:30 बजे उन्होंने रेलवे टावर वैगन (इंजन) को गुजारने के लिए गेट बंद किया था।
- इसी दौरान एक तीन साल का बच्चा अचानक दौड़ता हुआ रेलवे ट्रैक पर आ गया।
सामने से वैगन आ रहा था और बच्चा मौत के मुहाने पर था। हरिओम ने पलक झपकते ही बच्चे की ओर दौड़ लगाई और उसे सुरक्षित पटरियों के बीच धकेल दिया। इस कोशिश में बच्चा तो सुरक्षित बच गया, लेकिन हरिओम वैगन की चपेट में आ गए। उनके सिर में गंभीर चोट आने के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
गांव और विभाग में शोक की लहर
गुरुवार को पुलिस ने राजकीय अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। एक छोटे से बच्चे की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले हरिओम के इस साहसी कार्य की हर कोई प्रशंसा कर रहा है। हालांकि, इस हादसे से उनके गांव कादीसहना और रेलवे कर्मचारियों में गहरा शोक व्याप्त है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
"फर्ज के लिए न्योछावर कर दी जान- तीन साल के बच्चे को बचाने के चक्कर में गेटमैन ने हारी जिंदगी"

Pratahkal Bureau
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