पुर रोड अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर भेदभाव का आरोप, व्यापारियों ने निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग उठाई
भीलवाड़ा के पुर रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने भेदभावपूर्ण तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। निष्पक्ष जांच, पारदर्शी पैमाइश और प्रभावित व्यापारियों को आर्थिक सहायता की मांग ने मामले को चर्चा में ला दिया।

तस्वीर में भीलवाड़ा के पुर रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन करते हुए स्थानीय व्यापारी, नागरिक प्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य नजर आ रहे हैं।
भीलवाड़ा। पुर रोड पर हाल ही में प्रशासन एवं नगर निगम के दस्ते द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर की गई कथित पक्षपातपूर्ण एवं द्वेषपूर्ण कार्रवाई के विरोध में स्थानीय व्यापारियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिक प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, पारदर्शी पैमाइश और पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व लिखित सूचना और वैज्ञानिक सीमांकन (पैमाइश) के चुनिंदा दुकानों को निशाना बनाकर तोड़फोड़ की, जिससे प्रभावित व्यापारियों को भारी आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ा। ज्ञापन में कहा गया कि पूरे पुर रोड मार्ग पर समान स्थिति होने के बावजूद अन्य अतिक्रमणों को अनदेखा किया गया, जबकि केवल कुछ चिन्हित दुकानों पर ही बुलडोजर चलाया गया।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि तोड़फोड़ की कार्रवाई से पहले प्रभावित दुकानदारों को न तो 15 दिन का कोई लिखित नोटिस दिया गया और न ही राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त पैमाइश (चूना-लाइन) कराई गई। अचानक हुई कार्रवाई के कारण व्यापारियों को अपना सामान सुरक्षित निकालने तक का अवसर नहीं मिल सका।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कार्रवाई के दौरान दुकानदारों के ढांचे, शेड, साइनबोर्ड और डिस्प्ले काउंटर ध्वस्त हो गए, जिससे कई परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है। ज्ञापन में मांग की गई कि किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से इस कथित भेदभावपूर्ण कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाकर पूरे पुर रोड की चूना-लाइन डालकर पारदर्शी पैमाइश कराई जाए।
ज्ञापन में बिना नोटिस कथित दुर्भावनापूर्ण तरीके से पहुंचाए गए नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ित व्यापारियों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी मांग की गई। इसके अलावा भविष्य में किसी भी कार्रवाई से पूर्व कम से कम 15 दिन का लिखित नोटिस दिए जाने तथा बिना किसी पक्षपात के पूरे मार्ग पर समान नियम लागू करने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी गई।
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपने के दौरान राष्ट्रीय गौ रक्षावाहिनी गौ सेवा संघ के जिला अध्यक्ष नानूराम तेली, राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष रितेश गुर्जर, भीलवाड़ा कच्ची बस्ती विकास मंच के संस्थापक गोवर्धन सिंह कटार, रामा उस्ताद, प्रभु लाल, देवी लाल तेली, राहुल वैष्णव, महेंद्र सुवालका, नारायण लाल, मोहन, तनवीर, साहिल, भंवर सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी और नागरिक उपस्थित रहे। ज्ञापन के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, पारदर्शी कार्रवाई और प्रभावित व्यापारियों को राहत प्रदान करने की मांग दोहराई।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
